मानसून 3 दिन की देरी से 4 जून को केरल पहुंच सकता है। मौसम का अनुमान लगाने वाली निजी कंपनी स्काईमेट का दावा है कि इस बार मानसून सामान्य से 7% कम यानी 93% रह सकता है। हाल ही मौसम विभाग ने दावा किया था कि मानसून सामान्य रहेगा। सामान्य में 887 मिमी बारिश होती है। ताजा अनुमान के अनुसार इस बार 825 मिमी बारिश होगी। इससे फसल बुआई में देरी हो सकती है, असर इकोनॉमी पर आएगा।
मौसम विभाग बुधवार को क्षेत्रवार अनुमान जारी करेगा। स्काईमेट ने मध्य भारत में सबसे कम 91% बारिश का अनुमान लगाया है। पूर्वोत्तर में 92%, दक्षिण में 95% और पश्चिमोत्तर में 96% बारिश हो सकती है। अलनीनो का असर: समुद्री हवाओं का रुख बदल जाता है। बारिश वाले क्षेत्रों में बारिश नहीं होती, इसके उलट जिन इलाकों में बारिश नहीं होती है, वहां मूसलाधार बारिश होती है।
इन जगह कम बारिश का अनुमान
स्काईमेट के सीईओ जतिन सिंह ने कहा है कि देश के पूर्व, उत्तर पूर्व और मध्य भारत में इस बार बहुत कम बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत के इलाकों में सामान्य बारिश होगी। वहीं दस्तक देने के बाद भी मानसून की चाल धीमी रहेगी।
22 मई को अंडमान पहुंचेगा मानसून
स्काईमेट का कहना है कि इस बार अंडमान-निकोबार द्वीप समूह पर मानसून 22 मई को पहुंचेगा। पिछले महीने स्काईमेट ने संभावना जताई थी कि इस बार मानसून सामान्य से कम रहेगा और देश भर में केवल 93 फीसदी बारिश होगी, जिसमें ऐरर मार्जिन पांच फीसदी का होगा।
स्काईमेट के वाइस-प्रेसिडेंट महेश पालावत ने बताया कि अलनीनो की वजह से न सिर्फ मानसून औसत से कम रहेगा, बल्कि मध्य व दक्षिण भारत के हिस्से में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ेगी। मध्यप्रदेश, विदर्भ व दक्षिणी राज्यों के कुछ हिस्सों में तापमान अभी से 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक है, जो यहां के सामान्य तापमान से 4 से 5 डिग्री तक ज्यादा है।
मई से जून के पहले हफ्ते तक भी इन क्षेत्रों में 4 से 5 डिग्री तक अधिक गर्मी पड़ेगी। दिल्ली एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अभी हीटवेव की स्थिति नहीं है, लेकिन यहां भी गर्मी बढ़ेगी। हालांकि उत्तरी और उत्तर पश्चिमी भारत के हिस्सों में प्री-मानसून एक्टिविटी बार-बार होती रहेगी।
मानसून के लिए स्काईमेट का यह है पूर्वानुमान
- 15% आशंका सूखा पड़ने की (यानी 90% से कम बारिश)
- 55% आशंका सामान्य से कम बारिश होने की (यानी 90 से 95%)
- इस बार इन चार महीनों में अधिक बारिश (यानी 105-110%) आैर अत्यधिक बारिश (यानी 110%) होने की संभावना शून्य है।
- 30% संभावना है सामान्य
- बारिश होने की इस बार (यानी 96 से 104% के बीच)
- स्काईमेट चार साल में सिर्फ एक बार ही सही
मौसम विभाग भी कह रहा इस बार गर्मी बढ़ेगी
मौसम विभाग के महानिदेशक केजे रमेश ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच मध्य भारत के मौसम संबंधी उपखंडों (मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात) और उत्तर पश्चिम भारत (जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान) के कुछ उपखंडों में औसत तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस से एक डिग्री ज्यादा रहने की आशंका है। औसत तापमान किसी दिन विशेष पर पिछले 50 वर्ष में दर्ज हुए तापमान का औसत होता है।