भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समीक्षा की तीन दिवसीय बैठक आज से शुरू हो रही है। ऐसी उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक 30 सितंबर को रेपो दर में 0.50 फीसदी की वृद्धि कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो रेपो दर 5.90 फीसदी पर चली जाएगी, जो अभी 5.40 फीसदी है। पिछले हफ्ते ही करीब एक दर्जन केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में इजाफा किया था। अमेरिका के बैंक ने 0.75 फीसदी की बढ़त की थी।
दरअसल, महंगाई पर काबू पाने के लिए दुनिया भर के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को बढ़ाने की रणनीति अपनाए हैं। बावजूद इसके महंगाई की दरें उनके लक्ष्यों से ऊपर है। भारत में खुदरा महंगाई की दर सात फीसदी है जबकि आरबीआई का लक्ष्य 2 से 6 फीसदी है। मई से लेकर अब तक के तीन बार में इसने ब्याज दरों में 1.40 फीसदी का इजाफा किया है।
जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए आरबीआई नीतिगत दरों में 0.50 फीसदी की वृद्धि भी कर सकता है।
-मदन सबनवीस, मुख्य अर्थशास्त्री, बैंक ऑफ बड़ौदा
रेपो दर में 0.50 फीसदी की वृद्धि तय है। इसकी सर्वोच्च र 6.25 फीसदी तक जाएगी और अंतिम वृद्धि दिसंबर में 0.35 फीसदी होगी।
-एसबीआई
...तो बढ़ जाएगी घर और कार की ईएमआई
होम लोन 50 लाख पर
| ब्याज दर |
ईएमआई |
| 8 फीसदी |
41,822 |
| 8.5 फीसदी |
43,391 |
| बढ़ोतरी |
1,569 |
(अवधि : 20 साल, रकम : रुपये में)
कार लोन 5 लाख पर
| ब्याज दर |
ईएमआई |
| 8.5 फीसदी |
10,258 |
| 9 फीसदी |
10,379 |
| बढ़ोतरी |
121 |
(अवधि : 5 साल, रकम : रुपये में)