कांग्रेस ने रविवार को सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र अमीरी और गरीबी की खाई को बढ़ा रहा है। पार्टी ने कहा कि यह सिर्फ अर्थव्यवस्था के लिए समस्या नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा हमला है।
कांग्रेस महासचिव व संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत अब अरबपतियों का नया केंद्र बनता जा रहा है और देश में अमीर लोगों की संख्या साल दर साल तेजी से बढ़ रही है। रमेश ने एक्स पर हिंदी में लिखे एक पोस्ट में कहा, "एक के बाद एक रिपोर्ट भारत में धन के एक खास वर्ग के बारे में सीमित होने की चेतावनी दी जा रही है। जहां लाखों भारतीय अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं सिर्फ 1,687 लोगों के पास देश की आधी संपत्ति है।"
रमेश ने कहा कि यह सरकार भारत को उसी रास्ते पर धकेल रही है। उन्होंने आरोप लगाया, "सत्ता के गठजोड़ के कारण कुछ उद्योगपति और अधिक अमीर होते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री की नीतियां पूरी तरह से उनके कुछ उद्योगपति मित्रों के लाभ पर केंद्रित हैं।" रमेश ने दावा किया है कि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ एमएसएमई क्षेत्र अभूतपूर्व दबाव में है। यह दबाव न केवल घरेलू नीतियों का बल्कि विदेश नीति के मोर्चे पर सरकार की विफलताओं का भी परिणाम है।
रमेश ने कहा, "आम लोगों के लिए कमाई के अवसर कम होते जा रहे हैं। मुद्रास्फीति इतनी बढ़ गई है कि नौकरीपेशा लोग भी बचत के बजाय कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश लगातार घट रहा है और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं कमजोर होती जा रही हैं।" उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी सफल योजनाएं, जिसने लाखों लोगों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की, अब मजदूरी संकट से जूझ रही हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को समय पर भुगतान भी नहीं मिल पा रहा।
रमेश ने कहा, "देश में आर्थिक खाई का चौड़ा होगा न केवल अर्थव्यवस्था के लिए समस्या है, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा हमला है। जब आर्थिक शक्ति मुट्ठी भर लोगों के हाथों में केंद्रित हो जाती है, तो राजनीतिक फैसले भी उनके पक्ष में होने लगते हैं।" उन्होंने कहा कि इससे सामाजिक और आर्थिक असमानता बढ़ रही है।