मामूली राजस्व वृद्धि के साथ उच्च पूंजीगत खर्च के चलते राज्यों की कर्ज जरूरतें बनी हुई हैं। हालांकि, राज्यों को एक लाख करोड़ रुपये की विशेष सहायता देने के केंद्र सरकार के फैसले से कुछ राहत मिल सकती है। यह अनुमान 18 शीर्ष राज्यों के अध्ययन पर आधारित हैं।
राज्यों का कर्ज चालू वित्त वर्ष में उनके सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के मुकाबले 30-31% के ऊंचे स्तर पर रहेगा। यह 2021-22 में 31.5% था। बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में क्रिसिल ने कहा कि राजस्व में मामूली वृद्धि और अपने साधनों से ज्यादा उधारी लेने के कारण राज्यों का कर्ज उच्च स्तर पर रहेगा।
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वित्त वर्ष 2016-20 में 25 से 30% की सीमा में रहने के बाद राज्यों का कर्ज वित्त वर्ष 2020-21 में 34% था। मामूली राजस्व वृद्धि के साथ उच्च पूंजीगत खर्च के चलते राज्यों की कर्ज जरूरतें बनी हुई हैं। हालांकि, राज्यों को एक लाख करोड़ रुपये की विशेष सहायता देने के केंद्र सरकार के फैसले से कुछ राहत मिल सकती है। यह अनुमान 18 शीर्ष राज्यों के अध्ययन पर आधारित हैं।
राजस्व में 7-9 फीसदी की हो सकती है बढ़त
क्रिसिल के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी के अनुसार, मजबूत जीएसटी संग्रह से राज्यों के राजस्व में इस वित्त वर्ष में 7-9% की वृद्धि होने की उम्मीद है। लेकिन, ईंधन से बिक्री कर संग्रह, केंद्रीय अनुदान में मामूली वृद्धि व जून के बाद जीएसटी मुआवजा बंद करने से उनकी राजस्व वृद्धि में कमी आएगी।
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तीन फीसदी रह सकता है चालू खाता घाटा
एसबीआई का अनुमान है कि 2022-23 में चालू खाते का घाटा (कैड) कम होकर जीडीपी का 3 फीसदी रह सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, सॉफ्टवेयर निर्यात और धन-प्रेषण में वृद्धि के साथ स्वैप सौदों के जरिये विदेशी मुद्रा भंडार में 5 अरब डॉलर की बढ़ोतरी से चालू खाते का घाटे को कम करने में मदद मिलेगी।
नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों को नहीं मिलेगा फेम-2 योजना का लाभ
कंपनियां फेम-2 योजना के तहत स्थानीयकरण मानदंडों का उल्लंघन करती हैं तो उन्हें दंडित किया जा सकता है। साथ ही उन्हें फेम-2 योजना में शामिल होने से रोका जा सकता है। सरकार उन्हें मिलने वाली सब्सिडी भी वापस ले सकती है। एक अधिकारी ने कहा, ज्यादातर कंपनियां कथित रूप से अधिकतर या सभी कलपुर्जे आयात कर ई-दोपहिया वाहन स्थानीय स्तर पर बना रही हैं। लेकिन, वे फेम-2 का लाभ ले रही हैं। भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा फेम-2 निर्देशों के उल्लंघन पर हीरो इलेक्ट्रिक और ओकिनावा को नोटिस भेजा गया है।