पीएलआई योजना के शुरू होने के बाद से भारत में मोबाइल फोन उत्पादन 2,20,000 करोड़ से दोगुना बढ़कर 4,22,000 करोड़ हो गया है। 2024-25 में उत्पादन 5.10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने वाला है, जो वैश्विक विनिर्माण महाशक्ति के रूप में भारत के उभरने को और मजबूत करेगा।
मोबाइल फोन निर्यात से चालू वित्त वर्ष में भारत 1.80 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर सकता है। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में यह 40 फीसदी ज्यादा होगा।
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इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के अनुसार, पिछले साल अप्रैल से इस साल जनवरी तक 1.50 लाख करोड़ का निर्यात हुआ है। अकेले जनवरी में 25,000 करोड़ से अधिक का निर्यात हुआ। 2020-21 में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की शुरुआत के बाद से 6.80 गुना वृद्धि का अनुमान है। पीएलआई योजना के शुरू होने के बाद से भारत में मोबाइल फोन उत्पादन 2,20,000 करोड़ से दोगुना बढ़कर 4,22,000 करोड़ हो गया है। 2024-25 में उत्पादन 5.10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने वाला है, जो वैश्विक विनिर्माण महाशक्ति के रूप में भारत के उभरने को और मजबूत करेगा।
आईफोन की एक और निर्माता कंपनी भारत आने की तैयारी में
अमेरिका और चीन की लड़ाई में भारत को फायदा हो रहा है। आईफोन के कलपुर्जे बनाने वाली जापानी कंपनी मुराता कुछ उत्पादन भारत लाने पर विचार कर रही है। कंपनी मल्टीलेयर सिरेमिक कैपेसिटर बनाती है। अभी 60 फीसदी उत्पादन जापान में ही करती है लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए उसने भारत में उत्पादन को लाने की योजना बनाई है।
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मुराता के प्रेजिडेंट नोरियो नाकाजिमा ने कहा, कंपनी भारत में अपने निवेश की गति बढ़ाने पर विचार कर रही है। हम अपने नवीनतम कैपेसिटर ज्यादातर जापान में बना रहे हैं, लेकिन विदेशों में ज्यादा निर्माण करना चाहते हैं। मुराता ने तमिलनाडु के वनहब चेन्नई इंडस्ट्रियल पार्क में एक प्लाॅट किराये पर लिया है। कंपनी अगले वित्त वर्ष तक इस प्लांट से सिरेमिक कैपेसिटर की पैकेजिंग और उसकी शिपिंग की योजना बना रही है।