ऑटो सेक्टर में मंदी का असर दिखने लगा है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति ने अपने तीन हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह सभी कर्मचारी अस्थाई तौर पर कार्य कर रहे थे।
टाइम्स ऑफ इंडिया पर जारी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस बात की घोषणा खुद मंगलवार को कंपनी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने की। भार्गव ने कहा कि लागत बढ़ने और मांग में सुस्ती होने के कारण कंपनी को यह कदम उठाना पड़ा है। इन तीन हजार कर्मचारियों का कांट्रैक्ट रिन्यु नहीं किया गया है।
लगातार नौ महीने से गाड़ियों की बिक्री में गिरावट देखने को मिल रही है, जिसके कारण कई कंपनियां अपने यहां से कर्मचारियों को निकाल रही हैं और इसके साथ ही उत्पादन को भी ठप कर दिया है। ऐसा इसलिए ताकि वो खर्चों को कम कर सकें। इसके साथ ही कंपनियों को नए उत्सर्जन नियमों का भी पालन करना है, जिसके कारण भी ऐसा देखने को मिल रहा है।