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मंदी का असरः मारुति ने तीन हजार कांट्रैक्ट कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता

Tue, 27 Aug 2019 07:38 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ऑटो सेक्टर में मंदी का असर दिखने लगा है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति ने अपने तीन हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह सभी कर्मचारी अस्थाई तौर पर कार्य कर रहे थे। 

चेयरमैन ने की घोषणा

टाइम्स ऑफ इंडिया पर जारी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस बात की घोषणा खुद मंगलवार को कंपनी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने की। भार्गव ने कहा कि लागत बढ़ने और मांग में सुस्ती होने के कारण कंपनी को यह कदम उठाना पड़ा है। इन तीन हजार कर्मचारियों का कांट्रैक्ट रिन्यु नहीं किया गया है। 

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कंपनी की सालाना वार्षिक सभा (एजीएम) को संबोधित करते हुए भार्गव ने कहा कि सुरक्षा नॉर्म्स का पालन करने और टैक्स की मार से गाड़ियों की लागत काफी बढ़ गई है, जिसका असर मुनाफे पर भी दिखने लगा है। 
 

नौ महीने से लगातार गिर रही है मांग

लगातार नौ महीने से गाड़ियों की बिक्री में गिरावट देखने को मिल रही है, जिसके कारण कई कंपनियां अपने यहां से कर्मचारियों को निकाल रही हैं और इसके साथ ही उत्पादन को भी ठप कर दिया है। ऐसा इसलिए ताकि वो खर्चों को कम कर सकें। इसके साथ ही कंपनियों को नए उत्सर्जन नियमों का भी पालन करना है, जिसके कारण भी ऐसा देखने को मिल रहा है। 

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भार्गव ने कहा कि मारुति 50 फीसदी सीएनजी वाहनों का उत्पादन करेगी। इसके साथ ही पेट्रोल व डीजल वाहनों के अलावा हाइब्रिड वाहनों के उत्पादन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।  

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