बीएसई सेंसेक्स 570.60 अंक का गोता लगाकार 66,230.24 और एनएसई निफ्टी 159.05 अंक टूटकर 19,742.35 अंक पर बंद हुआ। इसके साथ ही अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया दो पैसे मजबूत होकर 83.09 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
वहीं, विदेशी बाजारों में कीमती धातु की कीमतों में गिरावट के बीच राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को सोना 130 रुपये गिरकर 60,170 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। पिछले कारोबार में पीली धातु 60,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। हालांकि, चांदी 74,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।
गिरावट लगातार तीसरे दिन जारी रही
जानकारी के मुताबिक, स्थानीय शेयर बाजारों में गुरुवार को गिरावट लगातार तीसरे दिन जारी रही। वैश्विक बाजारों में कमजोरी के रुख के बीच निवेशकों ने वाहन, बैंक और वित्तीय शेयरों में बिकवाली की, जिससे बाजार नीचे आया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के महंगाई को काबू में रखने के लिए इस साल नीतिगत दर में एक बार और वृद्धि के संकेत से वैश्विक बाजारों में गिरावट आई।
सेंसेक्स-निफ्टी का हाल
तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 0.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 672.13 अंक तक लुढ़क गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 0.80 फीसदी टूटकर बंद हुआ।
किसे फायदा-किसे नुकसान?
सेंसेक्स के शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक में सर्वाधिक 2.81 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक और पावर ग्रिड के शेयर भी नुकसान में रहे। दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, लार्सन एंड टुब्रो और टाइटन शामिल हैं।
दवा कंपनी ग्लेनमार्क 75 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी
दवा कंपनी ग्लेनमार्क अपनी जीवन विज्ञान इकाई की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने जा रही है। हिस्सेदारी निरमा की ओर से खरीदी जाएगी। इसे 5,651.5 करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी है। कंपनी की ओर से यह सूचना दी गई है।
इरादतन कर्ज नहीं चुकाने वालों के लिए नियमों में बदलाव का प्रस्ताव
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों को लेकर नियमों में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव किया है। इसमें जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाने वालों की परिभाषा भी तय की गई है। इस श्रेणी में उन लोगों को रखा गया है, जिनके ऊपर 25 लाख रुपये या उससे अधिक का कर्ज है तथा भुगतान क्षमता होने के बावजूद उन्होंने उसे लौटाने से इनकार कर दिया। रिजर्व बैंक ने दिशानिर्देशों के मसौदे पर संबंधित पक्षों से 31 अक्तूबर तक सुझाव देने को कहा गया है।