घरेलू शेयर बाजार सोमवार को लाल निशान पर बंद हुआ। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन निफ्टी और सेंकेक्स दोनों लाल निशान पर बंद हुए। जहां शुरुआती कारोबार में बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई हालांकि शाम को बाजार बंद होते-होते स्थिति थोड़ी संभली। सोमवार को जहां सेंसेक्स में 77 अंक की गिरावट दर्ज की गई वहीं, निफ्टी 34.10 अंक गिरकर बंद हुआ।
वैश्विक व्यापार चिंताओं के बीच वैश्विक बाजारों में सुस्ती के रुझान के बाद बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सोमवार को मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। रूस- यूक्रेन संघर्ष, ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और विदेशी निवेशकों के बाहर जाने से घरेलू बाजार में थोड़ा असर दिखा। पूरे दिन घरेलू बाजार में उतार चढ़ाव की स्थिति देखने को मिली। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 77.26 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 81,373.75 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 224.55 अंक या 0.90 प्रतिशत गिरकर 24,526.15 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 34.10 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 24,716.60 पर आ गया।
क्या रहा सेंसेक्स कंपनियों का हाल?
सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाइटन, एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक, इंफोसिस और कोटक महिंद्रा बैंक सबसे ज्यादा पिछड़े। दूसरी ओर, अडानी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड, इटरनल और हिंदुस्तान यूनिलीवर लाभ में रहे।
विनिर्माण क्षेत्र में आई गिरावट
इस बीच, सोमवार को जारी डेटा से पता चला कि भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि मई में तीन महीने के निचले स्तर पर आ गई। यह मुद्रास्फीति के दबाव, कमजोर मांग और भू-राजनीतिक स्थितियों में वृद्धि की कमी के वजह से हुई। एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) के अनुसार इंडेक्स अप्रैल में 58.2 से मई में 57.6 पर गिर गया। यह फरवरी के बाद से परिचालन स्थितियों में सबसे कमजोर सुधार को दर्शाता है।
भारतीय अर्थव्यवस्था हुई मजबूत
भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2024-25 की अंतिम तिमाही में अपेक्षा से अधिक तेज गति से बढ़ी, जिससे वर्ष में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज करने में मदद मिली । इसका आकार बढ़कर 3.9 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया और वित्त वर्ष 26 में जापान को पीछे छोड़ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर संकल्प मजबूत हुआ। जनवरी-मार्च में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ी । सकल जीएसटी संग्रह लगातार दूसरे महीने 2 ट्रिलियन रुपये के आंकड़े से ऊपर रहा, जो मई में 16.4 प्रतिशत बढ़कर 2.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
यूरोप के बाजारों में अब तक नहीं आई हरियाली
एशियाई बाजारों में, जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी सकारात्मक क्षेत्र में बंद हुआ। चीन के बाजार छुट्टी के कारण बंद रहे। यूरोपीय बाजार मध्य सत्र के सौदों में गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए।