केवल सात सप्ताह में जियो प्लेटफॉर्म्स में अलग-अलग कंपनियों ने कुल 97,885 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। फेसबुक समेत दुनियाभर की दिग्गज कंपनियों के साथ रिलायंस जियो की चर्चित डील्स कराने वाले शख्स मनोज मोदी थे। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) में मनोज मोदी की साख एक बड़े डीलर के तौर पर है।
अंबानी के अच्छे दोस्त हैं मनोज मोदी
एशिया के सबसे रईस कारोबारी मुकेश अंबानी की लगभग सभी डील्स में मनोज मोदी ने अहम भूमिका निभाई है। मुकेश अंबानी और मनोज मोदी कॉलेज में अच्छे दोस्त बने थे। साल 1980 में मनोज रिलायंस से जुड़े और साल 2007 में वे रिलासंस रिटेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बन गए। मोदी अंबानी परिवार की तीनों पीढ़ियों के साथ काम कर चुके हैं।
उन्होंने अप्रैल में फेसबुक के साथ 5.7 अरब डॉलर सौदे के लिए बातचीत के दौरान अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने अंबानी और उनके बच्चों के विचारों का समर्थन करते हुए सोशल नेटवर्किंग ज्वाइंट के साथ एक समझौता किया था। हालांकि मनोज मोदी अपनी स्किल्स को लेकर कहते हैं कि ऐसा कुछ भी नहीं है। मैं कोई डील नहीं करता। मुझे कोई रणनीतिक समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं रिलायंस के आंतरिक लोगों से ही डील करता हूं।
मनोज खुद को बेहद लो-प्रोफाइल मानते हैं। मनोज मोदी चार स्टार्टअप्स के हेड हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि अगर किसी भी डील में मनोज मोदी शामिल होते हैं, तो वो डील फाइनल हो ही जाती है। 60 वर्षीय मनोज मोदी शायद ही कभी इंटरव्यू देते हैं। उनकी निजी जिंदगी के बारे में बेहद कम लोग जानते हैं। लेकिन उद्योग जगत जानता है कि अंबानी और मोदी एक ही मजबूत टीम के खिलाड़ी हैं।
मालूम हो कि आरआईएल में सात सप्ताह में आठ बड़ी कंपनियों ने निवेश किया। जियो प्लेटफार्म में निवेश की शुरुआत फेसबुक ने की थी। फेसबुक ने करीब 44 हजार करोड़ रुपये का निवेश कर 9.99 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी। उसके बाद सिल्वर लेक विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबाडला और अब एडीआईए ने निवेश किया है।
सऊदी अरामको के साथ भी चल रही रिलायंस की बात
रिलायंस अपने व्यवसायों में रणनीतिक भागीदारी की तलाश कर रही है। समूह अपने तेल-रसायन कारोबार में हिस्सेदारी बेचने के लिए सऊदी अरामको के साथ बातचीत भी कर रही है। समूह ने अगले साल तक कर्ज मुक्त होने का लक्ष्य तय किया है।