फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Finance: बचत-निवेश और खर्च के बीच रखें संतुलन, वरना हो सकती है परेशानी; कमाई में से ज्यादा बचाने की कोशिश करे

Mon, 16 Sep 2024 04:08 AM IST
दीपक कुमार शर्मा नारायण कृष्णमूर्ति

सार

आप बहुत अच्छी कमाई कर रहे हैं। आपकी बचत बहुत अच्छी है। निवेश भी ठीक-ठाक है। लेकिन, अगर बचत, निवेश और खर्च के बीच संतुलन नहीं है तो ये सभी किसी न किसी दिन एक समस्या के रूप में आपको परेशान कर सकते हैं। खासकर, तब जब आपके पास इन्हें सुलझाने के लिए समय नहीं हो।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अधिकांश भारतीयों के सामने एक सामान्य स्थिति है। हम अपने फाइनेंस को लेकर संघर्ष करते हैं। संघर्ष करने और आर्थिक रूप से सुरक्षित स्थिति वाले लोगों के बीच अंतर मुख्य रूप से कुछ चीजों पर निर्भर करता है। इसमें योजना, संसाधन और वित्तीय साक्षरता। ज्यादातर लोगों का सवाल होता है कि हम अधिक पैसे कैसे कमा सकते हैं। इसका उत्तर व्यक्ति-दर-व्यक्ति और जीवन की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। ऐसे में इस सवाल का मतलब यह भी हो सकता है कि लोग यह चाहते हैं कि वे अपने पैसे को कैसे बढ़ा सकते हैं। इसका एक सीधा जवाब हो सकता है। जैसे...किसी छात्र से पूछा जाए कि वह ज्यादा अंक कैसे प्राप्त कर सकता है। कोई शिक्षक यह बताए कि सभी छात्र उच्चतम अंक कैसे प्राप्त कर सकते हैं या कोई डॉक्टर एक ऐसी दवा बताए, जो सारी बीमारी ठीक कर दे।  

विज्ञापन


स्थितियों पर निर्भर होते हैं सवालों के जवाब
उपरोक्त सवालों के अलग-अलग जवाब होंगे। यह हर व्यक्ति पर अलग-अलग तरीके से लागू होगा। कोई एक ऐसी दवा नहीं होगी जो सभी बीमारी का इलाज कर सके। ठीक उसी तरह से कोई ऐसा तरीका नहीं है, जो सभी के लिए पैसा बढ़ाने का काम कर सके। चूंकि, हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है, इसलिए धन को अधिकतम करने या अपनी बचत को बढ़ाने का दृष्टिकोण भी अलग होता है। हमारी वित्तीय साक्षरता को बढ़ाने की जरूरत इसलिए है क्योंकि हमें इस बात का एहसास नहीं है कि क्या मायने रखता है और क्या नहीं। उदाहरण के लिए, मैंने लोगों को प्याज और आलू की कीमत प्रति किलोग्राम 50 पैसे कम करने के लिए सब्जी विक्रेता से मोलभाव और बहस करते देखा है। लेकिन, जब किसी बीमा एजेंट या बैंक से कोई भी पॉलिसी खरीदने या फंड में निवेश करने की बात आती है तो वे आंख मूंदकर सहमत हो जाते हैं।

सेवानिवृत्त के अंतिम 10 वर्ष काफी नहीं
कार कंपनी में काम करने वाला मेरा एक मित्र अपने ऑफिस में चार वरिष्ठ अधिकारियों के एक समूह से बात कर रहा था। वे सभी 25 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं और ऑटो उद्योग में अच्छा कर रहे हैं। हालांकि, वे सभी अपने भविष्य के फाइनेंस को लेकर चिंतित थे। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि इतने पढ़े-लिखे और पेशेवर वरिष्ठ लोग इतने तनाव में क्यों थे। सभी 50 वर्ष पार कर चुके हैं और उन्हें लगता है कि सेवानिवृत्त होने से पहले उनके लिए पर्याप्त धन पाने के लिए अगले 10 वर्ष पर्याप्त नहीं होंगे। मैंने उनमें से एक के जीवन को समझने की कोशिश की, जो खुलकर बोलने से डरते थे। पता चला कि उनका होम लोन खत्म होने में अभी दो साल बाकी है। उनकी बेटी उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की योजना बना रही है। 
विज्ञापन


कमाई में से ज्यादा बचाने की करें कोशिश
उनका छोटा बेटा अभी 12वीं में गया है। अचानक महसूस होता है कि उनके पास इन सभी अतिरिक्त वित्तीय खर्चों के प्रबंधन का कोई रास्ता नहीं है। उनके पास बैंक एफडी और म्यूचुअल फंड में निवेश था। उन्हें गर्व था कि उनकी पीएफ बचत एक करोड़ से अधिक थी। जब मैंने उनके खर्चों के बारे में समझने की कोशिश की, तो आश्चर्य हुआ कि वह अपने वेतन का 10 फीसदी से भी कम बचा रहा थे। 25 साल से अधिक समय तक काम करने के बाद भी उन्होंने नियमित बचत की आदत नहीं सीखी। उन्होंने वित्तीय लक्ष्यों के लिए निवेश की आदत विकसित नहीं की थी। इस कारण वह कभी भी निश्चित नहीं थे कि उनके पास वास्तव में कितनी बचत या निवेश है।

बार-बार कार व फोन बदलने से बचें
व्यक्ति को बार-बार कार, इलेक्ट्रॉनिक्स और फोन बदलने की आदत थी। ऐसा इसलिए, क्योंकि वह अच्छी कमाई कर रहे थे। अब नौकरी वाले जीवन के आखिरी दशक में उनके पास वित्तीय प्रतिबद्धताएं थीं। सेवानिवृत्ति के लिए भी बचत करना था। इससे यह सीख मिलती है कि सभी अपनी वित्तीय स्थितियों व खर्चों पर नजर रखें।            

  • उदाहरण के लिए, जन्मदिन, त्योहार, पदोन्नति, परीक्षा परिणाम और बहुत कुछ। आप इनकी सूची बना सकते हैं। कुछ नियमित और कुछ कभी-कभी घटित होंगे।        
  • अपने पैसे को निवेश के साथ काम में लाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह उनके पास आपात स्थिति और भविष्य की जरूरतों के लिए है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें