देश में अरबपतियों की संख्या 350 के पार पहुंच गई
इस लिस्ट ने भारत में तेजी से बढ़ते अरबपति वर्ग को उजागर किया है। देश में अरबपतियों की कुल संख्या अब 350 के पार पहुंच गई है, जो 13 साल पहले सूची की शुरुआत के मुकाबले छह गुना अधिक है। सभी प्रविष्टियों की कुल संपत्ति ₹167 लाख करोड़ है, जो भारत के जीडीपी का लगभग आधा हिस्सा है।
अरविंद श्रीनिवास हैं सबसे युवा अरबपति
युवा उद्यमी भी इस सूची में छा रहे हैं। परप्लेक्सिटी के 31 वर्षीय अरविंद श्रीनिवास भारत के सबसे युवा अरबपति बने, जिनकी संपत्ति ₹21,190 करोड़ आंकी गई है। वहीं, ज़ेप्टो के 22 वर्षीय कैवल्य वोहरा सबसे युवा प्रविष्टि हैं, और उनके सह-संस्थापक आदित पलीचा (23) दूसरे सबसे युवा अरबपति हैं।
इन लोगों ने भी बनाई जगह
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान भी पहली बार अरबपतियों की सूची में शामिल हुए हैं, उनकी संपत्ति ₹12,490 करोड़ हो गई है। धन वृद्धि के मामले में नीराज बजाज और उनका परिवार सबसे आगे रहे, जिन्होंने ₹69,875 करोड़ जोड़कर कुल संपत्ति को ₹2.33 लाख करोड़ तक पहुंचाया। वहीं, पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने भी वापसी की है और अब उनकी संपत्ति ₹15,930 करोड़ है, जो कंपनी के शेयर मूल्य में 124% उछाल से संभव हुआ।
मुंबई में हैं सबसे ज्यादा अरबपति
भौगोलिक तौर पर, मुंबई 451 अरबपतियों के साथ शीर्ष पर है, इसके बाद नई दिल्ली (223) और बंगलूरू (116) हैं। सेक्टरवार, फार्मा (137 अरबपति) शीर्ष पर है, जबकि इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स (132) और केमिकल्स व पेट्रोकेमिकल्स (125) भी प्रमुख योगदानकर्ता हैं। विनोद कुमार अग्रवाल 9500 करोड़ की संपत्ति के साथ मध्य प्रदेश में फिर से नंबर एक अरबपति बने हैं।
महिलाओं की मौजूदगी में इजाफा
सूची में महिलाओं की मौजूदगी भी बढ़ी है। इस साल 101 महिलाएं शामिल हुईं, जिनमें 26 डॉलर अरबपति हैं। कुल मिलाकर, भारत की नई दौलत का चेहरा अब तेजी से सेल्फ-मेड उद्यमियों का हो रहा है, जो सूची का 66% हिस्सा हैं, जबकि नए शामिल हुए अरबपतियों में से 74% ने अपनी संपत्ति खुद बनाई।