SEBI Officer Grade A Admit Card
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एक के बाद एक कई आईटी कंपनियों के शेयरों बीते कुछ महीनों में शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद धराशायी हो गए हैं। इन कंपनियों में पेटीएम, कारदेखो, जोमैटो और पॉलिसी बाजार जैसे बड़े ब्रांड के शेयर शामिल हैं। महंगे भाव पर आईपीओ आने फिर शेयर बाजार में इन कंपनियों के शेयरों के पिटने के कारण निवेशकों को बीते एक-डेढ़ वर्ष के दौरान बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। इस मामले में सबसे ज्यादा किरकरी इक्विटी मार्केट की नियामक संस्था सेबी की हो हरी है। अब सेबी ने भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अपना रुख कड़ा करने का फैसला ले लिया है। जानकारों के मुताबिक अब आईपीओ से पहले सेबी कंपनियों को नियामक संस्था के साथ और अधिक जानकारी शेयर करने के लिए कह सकती है ताकि मार्केट में लिस्टिंग के बाद आम निवेशकों को बड़ा झटका ना लगे। माना जा रहा है कि सेबी की ओर से 30 सितंबर को होने वाली बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा।
सेबी बोर्ड की बैठक में लेगा अहम निर्णय
सेबी अपने बोर्ड बैठक में आईसीडीआर रेग्युलेशन (Issue Of Capital And Disclosure Requirements Regulations) में संशोधन को मंजूरी दे सकती है। इसके बाद टेक बेस्ड कंपनियां जो आईपीओ लाने की तैयारी में है उन्हें बताना होगा कि उन्होंने अपने आईपीओ लॉन्च से पहले प्री-आईपीओ प्लेसमेंट में जिस भाव पर शेयर बेचे थे उसके मुकाबले आईपीओ की प्राइसिंग किस प्रकार तय की गई है। इसके साथ ही इन कंपनियों इससे जुड़े वे सभी प्रेजेंटेशन सेबी के साथ शेयर करने होंगे जो प्री-आईपीओ में हिस्सेदारी खरीदने वाले निवेशकों को दिखाये गए थे। माना जा रहा है सेबी के इस कदम से भविष्य में आईटी कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्टिंग से पहले और मजबूत तैयारी करनी होगी और उन्हें नियामक के साथ स्पष्ट जानकारी साझा करनी पड़ेगी। जिससे लिस्टिंग के बाद निवेशकों को बड़ा नुकसान ना हो।
बीते एक वर्ष में आईटी कंपनियों में पैसा लगाने वालों को हो चुका है बड़ा नुकसान
बीते एक वर्ष के दौरान बाजार में कई आईटी कंपनियों के आईपीओ आए। पर सच्चाई यही है कि इन सभी कंपनियों में निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। ज्यादातर कंपनियां अपने इश्यू प्राइस से काफी नीचे कारोबार कर रही हैं।