Meghnad Desai: प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड मेघनाद देसाई का मंगलवार को निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उन्होंने भारत-ब्रिटेन संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। देसाई लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के सेवानिवृत्त प्रोफेसर थे और उन्होंने वैश्विक नीति अध्ययन केंद्र की स्थापना भी की थी।
प्रख्यात अर्थशास्त्री और ब्रिटेन की संसद के ऊपरी सदन (हाउस ऑफ लॉर्ड्स) के सदस्य लॉर्ड मेघनाद देसाई का मंगलवार को निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया और कहा कि उन्होंने भारत और ब्रिटेन के संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, मेघनाद देसाई के निधन से दुखी हूं। वह एक विचारशील लेखक, अर्थशास्त्री और विद्वान थे। वह हमेशा भारत और भारतीय संस्कृति से जुड़े रहे। भारत-ब्रिटेन संबंधों को गहरा करने में भी उन्होंने भूमिका निभाई। हमारे बीच हुई चर्चाएं हमेशा याद रहेंगी, जिनमें उन्होंने अपने अमूल्य विचार साझा किए। उनके परिवार और मित्रों के प्रति संवेदनाएं। ओम शांति। इस संदेश के साथ पीएम मोदी ने उनकी एक तस्वीर भी साझा की।
गुजरात के वडोदरा में जन्मे मेघनाद देसाई लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अर्थशास्त्र के सेवानिवृत्त प्रोफेसर थे। साल 1992 में उन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान में सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ग्लोबल गवर्नेंस की स्थापना की थी।
प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य और अर्थशास्त्री संजीव सान्याल ने भी लॉर्ड देसाई के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, प्रख्यात अर्थशास्त्री मेघनाद देसाई के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। मैं उन्हें बीस वर्षों से जानता था। वह हमेशा प्रसन्न रहते थे और नई बातचीत के लिए खुले रहते थे। हमारे बीच हुई लंबी चर्चाएं और बहसें मैं हमेशा याद रखूंगा। ओम शांति।
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया ने भी लॉर्ड देसाई को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उन्हें महान बुद्धिजीवी बताते हुए कहा कि देसाई ने पारंपरिक सोच को चुनौती दी। सिसोदिया ने एक्स पर लिखा, लॉर्ड मेघनाद देसाई के निधन से दुखी हूं। वह एक महान बुद्धिजीवी, साहसी अर्थशास्त्री और वैश्विक मंच पर गहराई से भारतीय विचार से जुड़े व्यक्ति थे। उन्होंने बौद्धिक साहस और सहजता के साथ पारंपरिक विचारों को चुनौती दी। वह हमेशा सवाल पूछते थे, सीमाओं को आगे बढ़ाते थे। उनके विचार, चर्चाएं और गर्मजोशी से छुए गए अनगिनत जीवन उनकी विरासत को जिंदा रखेंगे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।