इस बार होगा सबसे महंगा चुनाव
2014 के चुनाव में 3870 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। हालांकि 2019 का चुनाव विश्व का सबसे महंगा चुनाव होने जा रहा है। इस बार के चुनाव में सभी पार्टियां डिजिटल प्रचार कर रही हैं। पार्टियों का मकसद है कि गूगल, फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम पर ज्यादा से ज्यादा प्रचार किया जाए।
आयोग ने एक लाख पोलिंग बूथ बनाएं
आयोग ने इस बार एक लाख मतदान केंद्र बनाए हैं, जोकि 2014 के मुकाबले 10 फीसदी ज्यादा हैं। चुनाव संपन्न कराने के लिए 1.1 करोड़ मतदान कर्मी पैदल, सड़क, विशेष ट्रेन, हेलिकॉप्टर, नाव और हाथी पर सवार होकर मतदान कराने के लिए पहुंचेंगे। गुजरात के गीर फॉरेस्ट में केवल एक वोटर के लिए मतदान केंद्र बनाया गया है।
90 करोड़ मतदाता
इस बार के चुनाव में 90 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें से 43.2 करोड़ केवल महिलाएं है। इस बार 1.5 करोड़ मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। पहले चरण में केवल सात फीसदी महिला प्रत्याशी है। इस बार सात चरणों में चुनाव हैं जो 11 अप्रैल से शुरू होकर के 19 मई तक चलेंगे। 23 मई को मतगणना होगी।