सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को एक बड़ी नियामक मंजूरी मिली है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एलआईसी को निजी ऋणदाता आईसीआईसीआई बैंक में हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति दी है। यह मंजूरी बैंक की चुकता शेयर पूंजी या मतदान अधिकार का 9.99 फीसदी तक अधिग्रहण करने के लिए है।
आईसीआईसीआई बैंक को आरबीआई की मंजूरी का पत्र शुक्रवार की रात मिला। एलआईसी को यह हिस्सेदारी एक साल के भीतर खरीदनी होगी। यदि ऐसा नहीं होता है, तो आरबीआई की यह मंजूरी स्वतः समाप्त हो जाएगी। यह अधिग्रहण कुछ वैधानिक और नियामक आवश्यकताओं के अधीन होगा।
मंजूरी में संबंधित वैधानिक और नियामक प्रावधानों का अनुपालन भी शामिल है। एलआईसी देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है। पहले भी एलआईसी को एचडीएफसी बैंक में 9.99 फीसदी तक हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी मिली थी। एचडीएफसी बैंक की नियामक फाइलिंग के अनुसार, यह मंजूरी 19 अगस्त, 2026 को दी गई थी। उस समय एलआईसी के पास एचडीएफसी बैंक की कुल शेयर पूंजी का 4.11 फीसदी हिस्सा था। एलआईसी के शेयर अंतिम कारोबार में 415.35 रुपये पर बंद हुए।
एलआईसी को आईसीआईसीआई बैंक में कितनी हिस्सेदारी मिलेगी?
एलआईसी को आईसीआईसीआई बैंक में कुल 9.99 फीसदी तक की हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति मिली है। यह हिस्सेदारी बैंक की चुकता शेयर पूंजी या मतदान अधिकारों के रूप में होगी। आरबीआई ने एलआईसी के आवेदन को स्वीकार करते हुए यह मंजूरी दी है। यह कदम एलआईसी के निवेश पोर्टफोलियो को मजबूत करेगा।
क्या एलआईसी को पहले भी ऐसी मंजूरी मिली थी?
हां, एलआईसी को पहले भी ऐसी ही एक मंजूरी मिल चुकी है। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी को एचडीएफसी बैंक में भी 9.99 फीसदी तक हिस्सेदारी बढ़ाने की अनुमति मिली थी। एचडीएफसी बैंक की फाइलिंग में यह जानकारी 19 अगस्त, 2026 को सामने आई थी। उस समय एलआईसी के पास एचडीएफसी बैंक की 4.11 फीसदी शेयर पूंजी थी।