सार
कंपनियां कई कारणों से छंटनी को मजबूर हैं। इनमें मंदी व आर्थिक हालात तो हैं ही अगले साल के बजट की प्लॉनिंग भी है। मेटा जहां बड़े पैमाने पर छंटनी की योजना बना रही है, वहीं लिफ्ट (Lyft) ने 700 और वित्त क्षेत्र की बड़ी कंपनी स्ट्राइप (Stripe) ने 14 फीसदी स्टाफ कट करने का फैसला किया है।
दुनियाभर में टेक व अन्य बड़ी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू कर दी है। एक रिपोर्ट के अनुसार आने वाले कुछ सप्ताहों में नौकरियों पर बड़े पैमाने पर गाज गिर सकती है। मेटा समेत कई कंपनियां छंटनी करने जा रही हैं।
कंपनियां कई कारणों से छंटनी को मजबूर हैं। इनमें मंदी व आर्थिक हालात तो हैं ही अगले साल के बजट की प्लॉनिंग भी है। मेटा जहां बड़े पैमाने पर छंटनी की योजना बना रही है, वहीं लिफ्ट (Lyft) ने 700 और वित्त क्षेत्र की बड़ी कंपनी स्ट्राइप (Stripe) ने 14 फीसदी स्टाफ कट करने का फैसला किया है। कारोबार व उद्योग जगत के जानकारों की मानें तो यह तो सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में नौकरियों के मामले में और भी बुरे दिन देखने पड़ सकते हैं।
जानकारों का कहना है कि तकनीकी कंपनियों की आय लगातार कम हो रही है। इसके साथ ही वे अगले साल का आर्थिक नियोजन भी कर रही हैं। चूंकि, आर्थिक मंदी का भी खतरा है, इसलिए टेक कंपनियों ने अभी से कमर कसना शुरू कर दी है, ताकि छंटनी कर के वेतन खाते का खर्च कम किया जा सके। इसका मतलब आने वाले सप्ताहों में हजारों तकनीकी कर्मचारियों की नौकरियां जा सकती हैं।
मंदी का मंडरा रहा खतरा
बड़ी टेक कंपनियों ने पिछले कुछ हफ्तों में कहा है कि उनकी आय में गिरावट आई है। इसके साथ ही उन्होंने भावी परिदृश्य को लेकर चेताया भी था। मंदी का मंडराता खतरा उन्हें लागत घटाने को विवश कर रहा है। कोलंबिया बिजनेस स्कूल के एसोसिएट प्रोफेसर डेन वांग का कहना है कि कंपनियां लागत कम करने की कोशिश कर रही हैं। जब ये लागत घटाती हैं तो अक्सर नौकरियों, विज्ञापन व विपणन खर्च करने कम करने पर उनका सबसे ज्यादा ध्यान होता है। टेक कंपनियां महामारी के कारण बड़े पैमाने पर पैदा हुए गतिरोध से बाहर आ रही हैं, लेकिन अब जो कुछ हो रहा है वह एक सुधार है।
इन टेक कंपनियों में हो रही सबसे ज्यादा छंटनी
- ट्विटर- कंपनी ने करीब 50 फीसदी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। करीब 3700 लोगों की छंटनी की गई है।
- मेटा- मेटा से करीब 11,000 कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी।
- अमेजन- 10 हजार कर्मचारियों की जाएगी नौकरी।
- नेटफ्लिक्स- 500 कर्मचारियों को निकाला गया।
- एलएंडटी- कंपनी ने 5 फीसदी वर्कफोर्स घटाया है।
- टेक महिंद्रा- करीब 1.4 फीसदी हेडकाउंट घटाया गया।
- विप्रो- कर्मचारियों पर आने वाले अधिक खर्च के चलते 6.5 फीसदी वर्कफोर्स घटाया गया।
- स्नैपचैट- स्टॉक में 40 फीसदी की गिरावट के चलते 20 फीसदी छंटनी की तैयारी । 1,000 कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है।
- शॉपिफाई- कंपनी ने 10 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी का एलान किया है। 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है।
- माइक्रोसॉफ्ट- कमाई घटने से जुलाई से अब तक कंपनी करीब 1 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है।
- इंटेल- कंपनी 20 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी कर रही है।
- सी-गेट- कंपनी ने 8 फीसदी कर्मचारियों की छंटने करने की तैयारी कर ली है। करीब 3,000 कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है।
- लिफ्ट- पिछले एक महीने में ही कंपनी ने 13 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। करीब 700 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया।
- स्ट्राइप - कंपनी 14 फीसदी वर्कफोर्स कम करने की तैयारी कर रही है, इससे करीब 1,120 कर्मचारियों की नौकरी जाएगी।
- ओपनडोर - कंपनी 18 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी कर रही है, इससे 550 कर्मचारी प्रभावित होंगे।