एलएंडटी ने भारतीय सेना के लिए मानवरहित विमान प्रणाली बनाने के लिए अमेरिकी कंपनी के साथ समझौता किया है। यह साझेदारी भारत में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने और स्वदेशी एयरोस्पेस निर्माण को सशक्त करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है
इंफ्रास्ट्रक्चर दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने शुक्रवार को अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स एरोनॉटिकल सिस्टम्स इंक. (जीएएएसआई) के साथ एक रणनीतिक समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत भारतीय सेना के लिए दोनों कंपनियां मीडियम ऑल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (MALE) रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (RPAS) का निर्माण भारत में करेंगी।
एलएंडटी रक्षा मंत्रालय के कार्यक्रम में लेगी हिस्सा
कंपनी ने बयान में कहा कि इस गठजोड़ के तहत एलएंडटी की इंजीनियरिंग, सटीक विनिर्माण और डिफेंस-एयरोस्पेस सेक्टर में सिस्टम इंटीग्रेशन की विशेषज्ञता व जीएएएसआई की परिचालन क्षमता का उपयोग किया जाएगा। कंपनी ने कहा कि इस साझेदारी के तहत एलएंडटी रक्षा मंत्रालय के आगामी 87 एमएएलई आरपीएएस कार्यक्रम में भाग लेगी, जहां एलएंडटी प्रमुख बोलीदाता होगी और जीए-एएसआई प्रौद्योगिकी साझेदार होगी।
MQ-श्रृंखला RPAS का उत्पादन संभव
इस सहयोग से GA-ASI के MQ-श्रृंखला RPAS का उत्पादन संभव हो सकेगा, जो युद्ध में सिद्ध हैं। इसमें कहा गया है कि ये विमान विश्व भर में व्यापक रूप से कार्यरत हैं व निगरानी और हमले के अभियानों में लाखों घंटे उड़ान भर चुके हैं।
एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों में बढ़ती आत्मनिर्भरता
एलएंडटी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एसएन सुब्रह्मण्यन ने कहा कि यह साझेदारी भारत को स्वदेशी रूप से अत्याधुनिक मानवरहित प्लेटफार्मों के निर्माण का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है। यह गठबंधन भारत की रक्षा क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाएगा।