आरबीआई की ओर से रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के फैसला लेने के बाद मई महीने से इसमें अब तक 150 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हो चुकी है। इससे सबसे बड़ा झटका बैंक से लोन लेने वालों को लगा है। रेपो रेट के बढ़ने से बैंक जाहिर तौर पर अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेंगे। ऐसे में यह तय हो गया है कि उनकी ओर से दिए गए लोन्स की ईएमआई बढ़ जाएगी। होगा यह कि मई महीने में अगर कोई लोन बैंक ने 6.5 फीसदी के ब्याज दर पर दिया था, रेपो रेट बढ़ने के बाद वह उस लोन की ब्याज दर कम से कम डेढ़ प्रतिशत का इजाफा कर देगी। ऐसे में 6.5% की ब्याज फीसदी पर लिए गए लोन पर अब बैंक कम से कम आठ प्रतिशत सालाना ब्याज चार्ज करेगी।
मान लीजिए रामकुमार नाम के किसी व्यक्ति ने छह महीने पहले 6.5% की दर पर बैंक से दस लाख रुपये का होम लोन 10 वर्ष के लिए लिया था। उसके लोन की ईएमआई उस समय 11,355 रुपये थी। उस समय से अब तक रेपो रेट में 150 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हो गई है। इसका मतलब यह हुआ कि बैंक ने उस वक्त जो लोन 6.5% की ब्याज दर पर लिया था उसपर वह कम से कम 1.5% या उससे अधिक चार्ज करेगा। अगर बैंक सबसे कम 1.5% ही अतिरिक्त ब्याज चार्ज करता है तो अब उपरोक्त लोन की ब्याज दर 6.5% से बढ़कर 8 प्रतिशत हो जाएगी। इस तरह रामकुमार के लोन पर अब नई ईएमआई 8% के ब्याज दर के हिसाब से 12,133 रुपये प्रति महीने हो जाएगी। ऐसे में रामकुमार को अब बीते मई महीने की तुलना में अपने लोन पर 778 रुपये अधिक ईएमआई चुकानी पड़ेगी।
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लोन की राशि
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वर्ष
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ब्याज (% में)
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EMI रु. में
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कुल ब्याज
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कुल देय राशि (रु. में)
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10 लाख (मई में)
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10
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6.50
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11,355
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3,62,576
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13,62,576
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10 लाख (अब)
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10
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8.00
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12,133
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4,55,931
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14,55,931
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मई से अब तक ईएमआई में अंतर- 12,133-11,355 = 778
कुल राशि पर देय ब्याज में वृद्धि- 3,62,576-4,55,931 = 93,355
10 लाख लोन के बदले पहले चुकाने पड़ते = 13,62,576 रुपये
इतनी ही राशि के लोन पर अब चुकाने पड़ेंगे = 14,55,931 रुपये
नोट: आंकड़े अनुमानित और ईएमआई कैलकुलेटर की गणना पर आधारित हैं।
केंद्रीय बैंक इस वर्ष मई से अब तक रेपो रेट में 1.50% की वृद्धि कर चुका है। इस दौरान रेपो रेट 4.4 से बढ़कर 5.9 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है। बता दें कि रिजर्व बैंक बाजार में मुद्रा के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए रेपो रेट का इस्तेमाल करता है। रेपो रेट बढ़ने का मतलब यह है कि आरबीआई से बैंक जो पैसे लेंगे उन्हें वह पैसा बढ़ी हुई ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा।