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Biocon Succession Plan: किरण मजूमदार-शॉ ने भतीजी क्लेयर मजूमदार को चुना अपना उत्तराधिकारी, जानें उनके बारे में

Tue, 05 May 2026 07:57 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बायोकॉन की चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने अपनी 37 वर्षीय भतीजी क्लेयर मजूमदार को आधिकारिक तौर पर अपना उत्तराधिकारी चुना है। जानिए कौन हैं बायोटेक विशेषज्ञ क्लेयर मजूमदार और क्या है कंपनी की आगे की रणनीति।
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किरण मजूमदार शॉ व भतीजी क्लेयर। - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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भारत की प्रमुख बायोफार्मास्युटिकल कंपनी बायोकॉन में नेतृत्व के एक बड़े बदलाव की नींव रख दी गई है। कंपनी की संस्थापक और चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने अपने उत्तराधिकार योजना की घोषणा करते हुए अपनी 37 वर्षीय भतीजी क्लेयर मजूमदार को अपना उत्तराधिकारी चुना है। लगभग चार दशकों में बायोकॉन को वैश्विक स्तर पर एक बड़ा ब्रांड बनाने वाली 73 वर्षीय मजूमदार-शॉ का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी का भविष्य सक्षम और सुरक्षित हाथों में रहे।

क्रमिक होगा नेतृत्व का यह बदलाव

किरण मजूमदार-शॉ बायोकॉन की एकमात्र मालिक हैं और उनकी अपनी कोई संतान नहीं है। 'फॉर्च्यून इंडिया' के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं बायोकॉन की एकमात्र मालिक हूं, और मुझे यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि मैं इसे अच्छे हाथों में सौंपूं... मैंने अपनी भतीजी क्लेयर को अपने उत्तराधिकारी के रूप में देखा है, क्योंकि मुझे लगता है कि उसने साबित कर दिया है कि वह एक कंपनी चला सकती है"। 

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हालांकि, यह बदलाव रातोरात नहीं होगा। मजूमदार-शॉ ने सोशल मीडिया पर साफ किया है कि वह फिलहाल रिटायर नहीं हो रही हैं। यह एक क्रमिक प्रक्रिया होगी, जिसमें किरण अपनी भूमिका में बनी रहेंगी और क्लेयर धीरे-धीरे कंपनी की अधिक जिम्मेदारियां अपने कंधों पर लेंगी।

कौन हैं क्लेयर मजूमदार?

क्लेयर मजूमदार केवल रिश्तेदार होने के नाते नहीं, बल्कि अपनी मजबूत शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता के दम पर इस पद तक पहुंची हैं। उनके करियर और उपलब्धियों के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  • बिकारा थेरेप्यूटिक्स की सीईओ: क्लेयर वर्तमान में बायोकॉन द्वारा इनक्यूबेट की गई एक क्लिनिकल-स्टेज ऑन्कोलॉजी (कैंसर विज्ञान) फर्म 'बिकारा थेरेप्यूटिक्स' की संस्थापक सीईओ और बायोटेक विशेषज्ञ हैं।
  • कारोबारी सफलता: उन्होंने अपनी कंपनी का नेतृत्व शुरुआत से लेकर 2024 में नैस्डैक में लिस्टिंग होने तक किया। लिस्टिंग के समय बिकारा का मूल्यांकन 800 मिलियन डॉलर था, जो अब बढ़कर 1.6 बिलियन डॉलर से अधिक के मार्केट कैप तक पहुंच गया है। 
  • कैंसर रिसर्च में योगदान: उनकी कंपनी का मुख्य प्रोग्राम सिर और गर्दन के कैंसर  को लक्षित करने वाले बाइफंक्शनल एंटीबॉडी पर केंद्रित है, जिसका वर्तमान में वैश्विक स्तर पर ट्रायल चल रहा है। किरण मजूमदार-शॉ इसे क्लेयर की क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण मानती हैं।
  • मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि: क्लेयर ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से बायोलॉजिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया है। इसके बाद उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन से कैंसर बायोलॉजी में पीएचडी (पीएचडी) और स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए (एमबीए) की डिग्री हासिल की है।
  • पूर्व अनुभव: बिकारा की स्थापना से पहले, उन्होंने 'थर्ड रॉक वेंचर्स' और 'रियोस मेडिसिन्स' में काम किया, जहां उन्होंने रोश के साथ एक प्रमुख वैश्विक साझेदारी में योगदान दिया था।
  • बोर्ड मेंबर और निजी जीवन: क्लेयर रिले थेरेप्यूटिक्स और नूरा हेल्थ के बोर्ड में भी शामिल हैं। उनकी शादी अमेरिका के मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल के ऑन्कोलॉजिस्ट थॉमस रॉबर्ट्स से हुई है।

आगे का आउटलुक

बायोकॉन जैसी विशाल वैश्विक फार्मा कंपनी के लिए उत्तराधिकार की यह स्पष्ट रूपरेखा निवेशकों और बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है। क्लेयर मजूमदार का मजबूत वैज्ञानिक और व्यावसायिक बैकग्राउंड यह आश्वस्त करता है कि वे प्रतिस्पर्धी वैश्विक बायोटेक माहौल में बड़े पैमाने पर व्यवसाय को संचालित करने में सक्षम हैं। यह क्रमिक बदलाव बायोकॉन की भविष्य की विकास रणनीतियों को स्थिरता और नई दिशा प्रदान करेगा।

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