केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने आज वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया। विधानसभा में बजट पेश करते समय उन्होंने 'नए केरल' संकल्प की घोषणा भी की। इसके तहत समावेशी विकास और टिकाऊ बुनियादी ढांचा विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने वित्तीय तनाव, देनदारी और महंगाई को प्रमुख चुनौतियां बताया। उन्होंने कहा कि सरकार 'मिशन समुद्र' का भी अनावरण करेगी। इसका लक्ष्य बंदरगाह-आधारित अर्थव्यवस्था का निर्माण करते हुए इस राज्य को वैश्विक समुद्री केंद्र के रूप में विकसित करना है।
'मिशन समुद्र' के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित
गौरतलब है कि केरल के मुख्यमंत्री सतीशन ने वित्त विभाग अपने पास ही रखा है। सरकार गठन के बाद अपने पहले बजट भाषण में उन्होंने कहा कि 'मिशन समुद्र' के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केरल सरकार व्यापक विकास रणनीतियों के जरिए अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार केरल को एक पोर्ट सिटी के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके तहत विझिनजम में जहाज निर्माण केंद्र स्थापित होगा। साथ ही कोल्लम, बेपोर और अझिक्कल बंदरगाहों का विकास किया जाएगा। समुद्री इतिहास को सहेजने के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से एक समुद्री संग्रहालय भी बनाया जाएगा।
डाटा-आधारित इन्वेस्ट केरल सेल
बजट में केरल के अपने चार हवाई अड्डों के इर्द-गिर्द एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब में बदलने के लिए भी 200 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल में कारोबार से जुड़ी मुख्य बाधाओं को दूर करने के लिए निवेश आकर्षित करने के लिए डाटा-आधारित इन्वेस्ट केरल सेल शुरू किया जाएगा। साथ ही कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक ग्लोबल कन्वेंशन सेंटर भी बनाया जाएगा।
सीएम ने श्वेत पत्र के आंकड़ों के साथ शुरू किया भाषण
मुख्यमंत्री ने केरल की वित्तीय स्थिति पर 'श्वेत पत्र' के आंकड़ों के साथ अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में आई उनकी सरकार 'नए दौर का केरल' बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बजट 'सुशासन और संवेदना' की थीम पर आधारित है। इसमें बुनियादी ढांचे के विकास और जनता के कल्याण के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर बराबर जोर दिया गया है।
सतीशन ने राज्य की आर्थिक चुनौतियों को लेकर चेतावनी भी दी। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों के मुकाबले केरल का अपना राजस्व कम रहा है। सरकार पर केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईबीएफ) प्रोजेक्ट्स के लिए संसाधन जुटाने का भारी दबाव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केआईआईबीएफ की वजह से वित्तीय असंतुलन पैदा हुआ है, जिसकी जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले बजट में केंद्र के हिस्से का गलत अनुमान लगाया गया था, जिससे राज्य को 20,500 करोड़ रुपये की कमी का सामना करना पड़ेगा। इस कारण 35,000 करोड़ रुपये की सालाना योजना राशि में भी कटौती करनी होगी।
आर्थिक तंगी के बावजूद कई कल्याणकारी योजनाओं का एलान
आर्थिक तंगी के बावजूद मुख्यमंत्री ने कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने केएसआरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का एलान किया। चुनावी वादे के अनुसार, कल्याणकारी पेंशन को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का काम चरणों में पूरा किया जाएगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के नाम पर एक बड़ी योजना शुरू की है। इसके तहत राज्य के सभी परिवारों को 25 लाख रुपये का हेल्थ कवर मिलेगा।
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शिक्षा और खेल के क्षेत्र में बड़े एलान
निवेश को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई प्रावधान हैं। राज्य में 10,000 नए छोटे उद्योग (MSME) लगाने के लिए 100 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। शिक्षा और खेल के क्षेत्र में सरकार ने एक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल स्टेडियम और 'केरल स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग एंड डिजाइन' शुरू करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल के प्रवासी लोग अब तक अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहे हैं, लेकिन अब केवल विदेश से आने वाले पैसे पर निर्भर रहना ठीक नहीं है। उन्होंने प्रवासियों से अपील की कि वे केरल को निवेश आधारित अर्थव्यवस्था बनाने में सहयोग करें। यह बजट कल्याणकारी वादों और विकास के बीच संतुलन बनाने की एक कोशिश है।