दूध और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कर्नाटक सरकार ने आम जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका दिया है। कर्नाटक सरकार ने डीजल पर कर्नाटक बिक्री कर (केएसटी) दर को 18.4% से बढ़ाकर 21.17% कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगी। इस कर वृद्धि के कारण डीजल की कीमत प्रति लीटर ₹2 बढ़कर ₹91.02 हो गई है। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो गई है और राज्य में डीजल की बढ़ी हुई कीमतें अब पूरे राज्य में लागू होंगी।
वर्तमान में राज्य में डीजल की कीमत ₹88.99 प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत ₹102.92 प्रति लीटर है। पिछली बार डीजल की कीमतों में जून 2024 में बढ़ोतरी हुई थी। जब सरकार ने पेट्रोल पर बिक्री कर 25.92% से बढ़ाकर 29.84% और डीजल पर 14.3% से बढ़ाकर 18.4% कर दिया था। इस वृद्धि के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः ₹3 और ₹3.02 प्रति लीटर की वृद्धि हुई थी।
| स्थान एवं राज्य |
कर सहित डीजल की बिक्री कीमत (₹ में) |
| बेंगलुरु |
89.02 |
| होसुर (तमिलनाडु) |
94.42 |
| कासरगोड (केरल) |
95.66 |
| अनंतपुर (आंध्र प्रदेश) |
97.35 |
| हैदराबाद (तेलंगाना) |
95.70 |
| कागल (महाराष्ट्र) |
91.07 |
सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने हाल में कई चीजों के दामों में बढ़ोतरी की है। सरकार को बढ़ी कीमतों को लेकर कड़ी आलोचना का सामना भी करना पड़ रहा है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने राज्य में सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर एक-एक करके वस्तुओं पर कर लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कीमतें बढ़ा रही है और "गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों का खून चूस रही है।
एक्स पर आर अशोक ने लिखा कि कांग्रेस सरकार ने दूध के दाम बढ़ा दिए, कचरा संग्रहण पर उपकर लगा दिया और अब अचानक डीजल के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। डीजल माल परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाला ईंधन है। सिद्धारमैया जो खुद को अर्थशास्त्री मानते हैं, यह नहीं जानते कि अगर डीजल के दाम बढ़ेंगे तो दूध, सब्जियां, फल, किराने का सामान, टैक्सी समेत सभी जरूरी सामान और सेवाओं के दाम बढ़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब इसमें कोई संदेह नहीं है कि डीजल के दाम बढ़ने के बहाने बस टिकट के दाम फिर से बढ़ाए जाएंगे।
यह नया शुल्क हाल ही में हुई कई अन्य मूल्यवृद्धियों के बाद आया है, जिससे आम जनता की जेब पर भारी असर पड़ा है। सार्वजनिक परिवहन उपयोगकर्ताओं को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि बस किराए में 15% और मेट्रो किराए में 71% तक की बढ़ोतरी की गई है। आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ी हैं, खासकर दूध के दाम में चार रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है।
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