राष्ट्रीय कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने जेएसडब्ल्यू स्टील को 19700 करोड़ रुपये में दिवालिया घोषित हो चुकी भूषण स्टील को खरीदने की मंजूरी दे दी है। इस आदेश के बाद भूषण स्टील अपनी समस्त देनदारियों को खत्म कर सकेगी। एनसीएलटी की दो सदस्य वाली प्रिंसिपल बेंच ने यह आदेश जारी किया है।
मालिकों के खिलाफ दर्ज है आपराधिक मुकदमा
जस्टिस एम एम कुमार ने कहा कि भूषण स्टील के मालिकों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों से भी इस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा और जेएसडब्ल्यू स्टील नया प्रमोटर बन सकता है।
बैंकों को मिलेगा पैसा
एनसीएलटी ने यह भी कहा है कि दिवालिया प्रक्रिया शुरू होने के बाद से लेकर के अभी तक कंपनी ने जो भी लाभ कमाया है वो बैंकों व अन्य वित्तीय कंपनियों से लिए गए लोन की भरपाई करने में प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने टाटा स्टील की याचिका को भी खारिज कर दिया।
अप्रैल में आदेश किया था सुरक्षित
एनसीएलटी ने अप्रैल 2019 में आदेश को सुरक्षित किया था। इससे पहले उसने सभी पक्षों को सुना। टाटा स्टील ने जेएसडब्ल्यू के ऑफर पर आपत्ति जताई थी। ट्रिब्यूनल ने 26 जुलाई 2017 को पीएनबी के अनुरोध पर भूषण स्टील के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया को शुरू किया था।