भारत में भी लाखों की संख्या में 5-7 साल की उम्र के बच्चे भी कैंसर का शिकार होते जा रहे हैं। इन बच्चों की मांओं को भी कैंसर हुआ है, जिसमें काफी लोग मौत के मुंह में जा चुके हैं। इस वजह से भी सीडीएससीओ यह पता लगा रही है कि क्या भारत में कंपनी के रॉ मैटेरियल में कैंसर कारक एस्बेस्टस तो मौजूद नहीं है।
इसी वजह से ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने कंपनी की मुलुंड (मुंबई) और बद्दी (हिमाचल प्रदेश) स्थित फैक्ट्रियों में अगले आदेशों तक बेबी पाउडर बनाने या पाउडर रॉ मैटीरियल से कोई अन्य उत्पाद बनाने पर रोक लगा दी है।
कहां कितना पाउडर रॉ मैटीरियल
82 हजार किलो पाउडर स्टोर है बद्दी प्लांट में
02 लाख किलो पाउडर रखा है मुलुंड प्लांट में
एस्बेस्टस की मात्रा को बढ़ाना चाहती थी कंपनी
कंपनी ने अमेरिकी रेगुलेटर्स पर दबाव बनाया था कि वो टेलकम पाउडर में एस्बेस्टस की मात्रा को बढ़ा दें। इसको कम करने की कोशिश के खिलाफ जाकर के उसने जो दबाव बनाया उसमें वो काफी हद तक सफल हुई थी।