कोलकाता की सरकारी प्रयोगशाला की जांच में कंपनी के पाउडर की पीएच वैल्यू सुरक्षित सीमा से अधिक मिली थी, इस पर महाराष्ट्र सरकार ने सितंबर में कंपनी का लाइसेंस रद्द कर उत्पादन रोक दिया था। इसके खिलाफ दायर कंपनी की याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश दिए।
बेबी पाउडर से कैंसर होने के आरोप में अमेरिका में हजारों करोड़ रुपये के जुर्माने चुका रही जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी को भारत में बॉम्बे हाईकोर्ट ने पाउडर बनाने की तो अनुमति दी है, लेकिन इसे बेचने पर लगी रोक जारी रखी है।
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कोलकाता की सरकारी प्रयोगशाला की जांच में कंपनी के पाउडर की पीएच वैल्यू सुरक्षित सीमा से अधिक मिली थी, इस पर महाराष्ट्र सरकार ने सितंबर में कंपनी का लाइसेंस रद्द कर उत्पादन रोक दिया था। इसके खिलाफ दायर कंपनी की याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश दिए। अगली सुनवाई 30 नवंबर को रखी है।
नए सैंपलों की जांच का आदेश
जस्टिस एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस एसजी दिगे ने सुनवाई के बाद कहा कि ‘सरकार के आदेश के तहत कंपनी पाउडर का वितरण व विक्रय नहीं करेगी। अगर उत्पादन करना चाहती है, तो करे, लेकिन अपने जोखिम पर।’ हाईकोर्ट ने एफडीए को भी तीन दिन में कंपनी की मुलुंड स्थित फैक्ट्री से नए सैंपल लेने को कहा। इनकी दो सरकारी और एक गैर-सरकारी प्रयोगशाला में भेज कर जांच होगी। इनमें पश्चिम जोन की केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, एफडीए प्रयोगशाला और इंटरटेक प्रयोगशाला शामिल है। सैंपल मिलने के 7 दिन में तीनों को रिपोर्ट देनी होगी।
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कंपनी का दावा, हमें रोज ढाई करोड़ का नुकसान हो रहा
जॉनसन एंड जॉनसन के वकील ने हाईकोर्ट में कहा था कि मुलुंड फैक्ट्री 57 साल से चल रही है। इसका लाइसेंस रद्द होने से कंपनी को रोज 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।