कोविड-19 महामारी के बाद कंपनियों की आय पर पड़े प्रभाव के बावजूद नौकरियों और वेतन में कटौती उतने व्यापक स्तर पर नहीं है जितना कि आशंका जताई जा रही थी। एक अध्ययन में यह कहा गया है। सीआईआई-टैलेंटोनिक एचआर सोल्यूशंस के संयुक्त अध्ययन-नई व्यवस्था में संगठन को फिर से तैयार करना: मानव संसाधन की भूमिका- शीर्षक से जारी रिपोर्ट के अनुसार कंपनियों के लिए कोविड-19 संकट से निपटने के लिए उठाए गए कदमों में कुल 13 प्राथमिकताओं में लोगों को नौकरी से हटाना सातवें स्थान पर था।
वेतन में कटौती की प्राथमिकता 13वें स्थान पर
वहीं वेतन में कटौती या उसे आगे टालने की प्राथमिकता 13वें स्थान पर थी। संकट से निपटने के लिए विभिन्न उपायों की तलाश ने कंपनियों को अधिक सशक्त बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार, 'आय और नकदी पर पड़े गंभीर प्रभाव के बावजूद नौकरी से हटाना और वेतन में कटौती उतना व्यापक नहीं रहा, जैसा कि यह माना जा रहा था।'
घर से काम ने किया कई समस्याओं का समाधान
रिपोर्ट के अनुसार घर से काम ने कई समस्याओं का समाधान किया है लेकिन इसके बावजूद रहन-सहन, संस्कृति के स्तर अलग-थलग होने को लेकर चिंता बढ़ी है। इसमें कहा गया है कि संगठन को फिर से तैयार करना और उसे स्थाई तौर पर बदलाव के लिए नए कौशल की जरूरत है।
सर्वे में 250 कंपनियां हुई शामिल
सर्वे में शामिल कंपनियों से बातचीत में ऐसा जान पड़ा कि कई संगठन इस मामले में आगे बढ़ रहे हैं। इसमें विभिन्न क्षेत्रों की करीब 250 कंपनियां शामिल हुई और यह सर्वे अगस्त के अंत से नवंबर के मध्य तक किया गया।