हवाई सफर करने वाले यात्रियों का सफर और महंगा होने वाला है। दरअसल, जिस तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में इजाफा हो रहा है, उसी तेजी के साथ विमान ईंधन (जेट फ्यूल) के दाम भी बढ़ते जा रहे हैं। आलम ये है कि इस साल अब तक सात बार एयर टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में बढ़ोतरी की जा चुकी है। नए वित्त वर्ष के पहले दिन ही हवाई यात्रियों को बड़ा झटका लगा है।
ऑल टाइम हाई पर पहुंची कीमत
विमान ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है और शुक्रवार को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने जेट फ्यूल की कीमतों में दो फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। इसके बाद जेट फ्यूल की कीमत 1,12,924.83 रुपये प्रति किलोलीटर के रिकॉर्ड पर पहुंच गई है। गौरतलब है कि इससे पहले यह 1,10,066 रुपये प्रति किलोलीटर थी।
16 मार्च को 18 फीसदी बढ़े थे दाम
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इसके दामों में 2 फीसदी बढ़कर 2,258.54 रुपये प्रति किलोलीटर की बढ़ोतरी बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद एटीएफ के दाम 1,12,924.83 रुपये प्रति किलोलीटर पर पहुंच गए हैं। बता दें कि इसके पहले 16 मार्च को एटीएफ की कीमतों में रिकॉर्ड 18 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी। तब ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने जेट फ्यूल की कीमतों में 17,137 रुपये प्रति किलोलीटर की वृद्धि की थी।
कच्चे तेल का दाम बढ़ने का असर
गौरतलब है कि किसी एयरलाइन की परिचालन लागत में विमान ईंधन की लगभग 40 फीसदी हिस्सेदारी है। इस साल जेट फ्यूल के दाम में ये सातवीं बार बढ़ोतरी की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के चलते यह बढ़ोतरी हुई है।औसत इंटरनेशनल प्राइस के आधार पर हर महीने की पहली और 16 तारीख को जेट फ्यूल की कीमतों में बदलाव किया जाता है।