जेट एयरवेज के विमान एक बार फिर उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और योजना के अनुसार, अगले महीने एयरलाइन अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर देगी। गृह मंत्रालय की ओर से बताया गया कि एयरलाइन को सुरक्षा क्लीयरेंस भी दे दिया गया है, ऐसे में अब कंपनी फिर से सेवाएं शुरू कर सकती है। लेकिन उड़ान शुरू होने से पहले कंपनी को एक तगड़ा झटका लगा है।
कंपनी को 234 करोड़ रुपये का घाटा
दरअसल, जेट एयरवेज ने अपनी चौथी तिमही के नतीजे पेश कर दिए हैं। इसके अनुसार, 31 मार्च 2022 को समाप्त चौथी तिमाही में एयरलाइन का शुद्ध घाटा बढ़कर 234 करोड़ रुपये हो गया। गौरतलब है कि इससे पिछले साल की समान अवधि में जेट एयरवेज को 107.01 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। नतीजों के अनुसार, समीक्षाधीन अवधि में कंपनी की कुल आय 11.63 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले इसी अवधि में 17.73 करोड़ रुपये थी।
तीन साल बाद उड़ान भरेंगे विमान
गौरतलब है कि बीती पांच मई को जेट एयरवेज ने हैदराबाद से दिल्ली के लिए परीक्षण उड़ान भरी थी। यहां बता दें कि ये उड़ान पूरे तीन साल बाद भरी गई थी, क्योंकि 2019 में कंपनी दिवालिया होने के चलते सेवाएं बंद कर दी गईं थीं। आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक, वर्तमान में जेट एयरवेज का प्रमोटर जालान-कोलरॉक संघ है। पहले इसके मालिक नरेश गोयल थे। जेट एयरवेज के विमान ने 17 अप्रैल 2019 को अपनी अंतिम उड़ान भरी थी।
जालान-कालरॉक के नेतृत्व में तैयारी
बता दें कि मुरारी लाल जालान और कालरॉक कंसोर्टियम ने जून 2021 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की निगरानी में हुई दिवाला और समाधान प्रक्रिया में जेट एयरवेज की बोली जीती थी। अब जबकि इसे सुरक्षा मंजूरी दे दी गई है, तो नए मालिक के साथ कंपनी की सेवाएं फिर से शुरू होने जा रही हैं। यानी अगले महीने से यात्री इस एयरलाइन के विमानों में यात्रा कर सकते हैं।