मार्च में किसी कर्मचारी को नहीं मिला वेतन
मार्च में किसी भी कर्मचारी को वेतन नहीं मिला है। इससे पहले पायलट, इंजीनियर्स और अन्य महंगे स्टॉफ को पिछले कई महीने से सैलरी नहीं मिली। इसके चलते पायलटों ने भी 15 अप्रैल के बाद विमान उड़ाने से मना कर दिया है।
नहीं हुई बात सफल तो यह है प्लान बी
अगर बोलीदाताओं की निविदा तय वक्त तक नहीं आई तो फिर बैंकों ने एक प्लान बी भी तैयार किया है। इसके तहत जेट एयरवेज में इतना निवेश किया जाएगा ताकि यह अगले छह महीने तक बिना किसी दिक्कत के चलता रहे। इसके साथ ही जेट एयरवेज के बोर्ड में विमानन क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाएगा। बैंक फिर एक समय सीमा के अंदर कंपनी की हालत सही करने पर काम करेंगे ताकि परिचालन में कोई दिक्कत पैदा न हो।
आपके लिए क्यों जरूरी है जानना
विगत कुछ महीने से जेट एयरवेज की हालत दिन पर दिन पतली होती जा रही है। जेट एयरवेज में फिलहाल सीधे तौर पर 16 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। कंपनी की गिरती हालत का असर इन कर्मचारियों के परिवार पर भी पड़ रहा है। इसके साथ ही देश के विमानन क्षेत्र पर इस कंपनी की हालत पर नजर रखी जा रही है।
चुनाव के वक्त केंद्र सरकार का भी जेट एयरवेज को डूबने से बचाना जरूरी है, क्योंकि इसका दूरगामी असर भविष्य में देखने को मिल सकता है। अगर आप जेट एयरवेज से संबंधित कुछ और जानना चाहते हैं तो हमको बताएं, हम वो खबरें भी आपके सामने रखेंगे।
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