घाटे से बेहाल जेट एयरवेज की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी के करीब 40 फीसदी से ज्यादा विमान खड़े हो गए हैं। जेट एयरवेज के पास कुल 123 विमान हैं। इससे यात्रियों की परेशानी काफी बढ़ गई हैं।
जेट एयरवेज के करीब 70 विमान उड़ान नहीं भर रहे हैं। लीज की अवधि समाप्त होने और स्पेयर पार्ट्स नहीं मिलने की वजह से ऐसा हो रहा है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीएसए) के महानिदेश बी एस भुल्लर ने कहा कि जेट एयरवेज की उड़ानों की हर महीने निगरानी की जा रही है। कंपनी की वित्तीय हालत सबको पता है। इसलिए हमने जेट प्रबंधन को कहा है कि वो यात्रियों को उड़ानों के रद्द होने की जानकारी पहले से मुहैया कराए।
गुरुवार को कंपनी के तीन और विमान खड़े हो गए। जेट एयरवेज के पास एयरबस ए-330 और बोइंग 737-800 जैसे विमानों का बेड़ा है। इस वजह से रोजाना 200 उड़ान रद्द हो रही हैं। जेट की रोजाना 600 उड़ानें होती हैं। जेट प्रबंधन लगातार किसी निवेशक को ढूंढने का प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी तक उसे सफलता नहीं मिली है।
जेट एयरवेज को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब एयर इंडिया ने भी कह दिया है कि वह किसी भी ऐसे यात्री को स्वीकार नहीं करेगा जिसके पास पूर्व एयरलाइन्स की रद्द टिकट होगी।