केंद्र सरकार द्वारा कश्मीर घाटी में सक्रिय संगठन जमात-ए-इस्लामी पर बैन लगाए जाने के बाद अब सरकार की नजर इसकी संपत्ति और दान में मिले पैसों पर है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने जमात के 350 से अधिक लोगों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक जमात घाटी के अंदर कई सारे स्कूल, मदरसे और मस्जिद को संचालित करती है।
पाकिस्तान सहित इन देशों से मिलता है पैसा
जमात के पास फिलहाल 4500 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है। इस संपत्ति में 400 स्कूल, 350 मस्जिद और एक हजार से अधिक मदरसे शामिल हैं। इन सबको चलाने के लिए पाकिस्तान, हुर्रियत कांफ्रेस के अलावा स्थानीय लोग चंदे के जरिए इसकी मदद करते हैं।
पाकिस्तान में मिलाने की वकालत
जमात-ए-इस्लामी काफी लंबे समय से कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने की मुहिम भी चला रही है। उसका मानना है कि कश्मीर का विकास भारत के साथ रहकर नहीं हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, घाटी में कार्यरत कई आतंकी संगठन जमात के इन मदरसों व मस्जिदों में पनाह लेते रहे हैं।
बैंक खातों की नहीं दी जानकारी
हालांकि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने जमात के बैंक खातों के बारे में किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दी है। प्रशासन ने कहा है कि इस बारे में जांच की जा रही है कि जमात को कहां से पैसा मिलता है।
महबूबा ने जताई थी नाखुशी
पीडीपी नेता और सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार द्वारा जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगाए जाने के फैसले की आलोचना की थी। महबूबा ने कहा था कि सरकार जमात पर प्रतिबंध लगाने से पहले हिंदूवादी संगठनों पर बैन लगाए। क्या भाजपा का विरोध करना अब राष्ट्रद्रोह भी हो गया है।