विप्रो चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने जब से आईटी क्षेत्र में मूनलाइटिंग प्रैक्टिस को नियोक्ता के साथ धोखा करार देने वाला ट्वीट किया है, तब से इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है। हालांकि, मूनलाइटिंग भारत में नया है, लेकिन अमेरिका में 1964 में भी करीब 37 लाख लोग एक साथ दो-दो नौकरियां करते थे।
| वजह | संख्या (% में) |
| ज्यादा खर्च को | 48 |
| कर्ज घटाने के लिए | 46 |
| बचत/निवेश के लिए | 45 |
| अनुभव के लिए | 43 |
| करिअर के लिए | 38 |
| बोरियत से निकलने के लिए | 33 |
स्विगी ने दी है इजाजत
कुछ शर्तों के साथ कर्मचारियों को मूनलाइटिंग की इजाजत दी है। शर्त है कि इससे उत्पादकता पर असर न पड़े और न ही कंपनी के हितों को नुकसान हो।
दिग्गजों की अलग-अलग राय...
समय के साथ बदलते रहना जरूरी है। हम जिस तरह से काम करते हैं, उसमें व्यवधान का मैं स्वागत करता हूं। -सीपी गुरनानी, सीईओ, टेक महिंद्रा
प्रौद्योगिकी उद्योग में शुरुआती दौर में कम वेतन होना मूनलाइटिंग की एक वजह है। अगर आप लोगों को अच्छा भुगतान नहीं करते हैं और वे अधिक पैसा कमाना चाहते हैं तो यह अच्छी कमाई का आसान तरीका है। -मोहनदास पई, पूर्व निदेशक, इन्फोसिस