आईटी कंपनियां अपने जूनियर कर्मचारियों को रोकने के लिए बोनस के तौर पैसा देने लगी हैं, ताकि कर्मचारी भविष्य में भी उसके साथ जुड़े रहें। आईटी क्षेत्र में वैसे भी तीन साल तक के अनुभव वाले कर्मचारी जल्दी से नौकरी छोड़ देते हैं और वहां पर ऐसे लोगों की संख्या सबसे ज्यादा होती है।
तीन साल अनुभव वाले कर्मियों को मिला बोनस
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो ने अपने तीन साल के अनुभव वाले प्रत्येक कर्मचारी को एक लाख रुपये बोनस के तौर पर दिया है। हालांकि यह बोनस केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिला है, जो पिछले एक साल से ज्यादा समय से कंपनी से जुड़े हुए हैं। यह एक तरह का रिटेंशन बोनस है, ताकि कर्मचारी यहीं पर काम करते रहें।
सीनियर कर्मचारियों की सैलरी में भी इजाफा
कंपनी ने अपने सीनियर और मीडिल लेवल कर्मचारियों की सैलरी में भी इजाफा किया है। जहां चार साल तक के अनुभव वाले लोगों की सैलरी में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, वहीं डिलिवरी मैनेजर और लीडरशीप रोल में कार्यरत सीनियर कर्मचारियों की सैलरी में चार से पांच फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
छह हजार फ्रेशर को किया भर्ती
कंपनी ने सिर्फ जून तिमाही में छह हजार फ्रेशर को भर्ती किया है। हालांकि कंपनी को छोड़ने वाले लोगों की संख्या में भी एक तिमाही में इजाफा देखने को मिला है। जून तिमाही में कंपनी से 17.9 फीसदी लोगों ने उच्च शिक्षा, सैलरी बढ़ोतरी और अप्रेजल के चक्कर में कंपनी से विदा ले ली थी।
बुधवार को जारी किए थे नतीजे
विप्रो को वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में 12.5 फीसदी का मुनाफा हुआ है। कंपनी द्वारा बुधवार को जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार पहली तिमाही में कंपनी को 2387.6 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। पिछले साल कंपनी को 2120.8 करोड़ रुपये का इसी अवधि में मुनाफा हुआ था।
पिछले नतीजों से 3.86 फीसदी का घाटा
हालांकि कंपनी को मार्च में जारी चौथी तिमाही के नतीजों के मुकाबले 3.86 फीसदी का घाटा हुआ है। कंपनी की ऑपरेशन से होने वाली 4.9 फीसदी बढ़कर 15,566.6 करोड़ हो गई। पिछले साल यह आय 14,827.4 करोड़ रुपये थी। बीएसई पर कंपनी का शेयर 259.70 के स्तर पर कारोबार करते हुए बंद हुआ।