देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने विमानन नियामक डीजीसीए को परिचालन व्यवस्थाओं को लेकर आश्वस्त किया है। एयरलाइन ने कहा कि नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों के पूर्ण अनुपालन के लिए सभी आवश्यक परिचालन, रोस्टरिंग और मॉनिटरिंग व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। पायलटों की ड्यूटी से जुड़े नए नियमों पर दी गई अस्थायी छूट 10 फरवरी को समाप्त हो गई। इसके बाद आज डीजीसीए ने विस्तृत बयान जारी कर एयरलाइन की तैयारियों की जानकारी दी।
दिसंबर की शुरुआत में भारी परिचालन अव्यवस्था के चलते 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो ने 2,507 उड़ानें रद्द की थीं। जांच में ये खामियां आई सामने
इन कारणों से उड़ान संचालन प्रभावित हुआ। इसके बाद डीजीसीए ने एयरलाइन के विंटर शेड्यूल में 10% कटौती की थी और नए एफडीटीएल नियमों के लागू करने में 10 फरवरी तक सीमित छूट दी थी।
डीजीसीए के अनुसार, इंडिगो ने सूचित किया है कि 11 फरवरी 2026 से संशोधित एफडीटीएल योजना (दिनांक 9 अक्तूबर 2025) के सभी वैधानिक प्रावधान लागू कर दिए जाएंगे। छूट मुख्य रूप से पायलटों की नाइट ड्यूटी और नाइट लैंडिंग समय से संबंधित थी।
नियामक ने इस दौरान कहा कि छूट की वैधता अवधि के दौरान, एयरलाइन के उड़ान संचालन की आवधिक समीक्षा बैठकों के माध्यम से बारीकी से निगरानी की गई और यात्रियों के साथ व्यवहार की निगरानी करने और यात्रियों की असुविधाओं को दूर करने के लिए नियामक के अधिकारियों को विभिन्न हवाई अड्डों पर तैनात किया गया था।
20 जनवरी को DGCA ने कहा था कि अब एयरलाइन के पास नए नियमों के पालन के लिए पर्याप्त पायलट हैं।
एयरलाइन प्रतिदिन लगभग 2,200 उड़ानें संचालित करती है। हालांकि, दिसंबर में इसका घरेलू बाजार हिस्सा 63.6% से घटकर 59.6% पर आ गया था।
दिसंबर की घटनाओं के बाद DGCAने कुल ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया। साथ ही ₹50 करोड़ की बैंक गारंटी जमा करने का निर्देश दिया और वरिष्ठ प्रबंधन को चेतावनी जारी की। इसके अलावा, नियामक संस्था ने संशोधित एफडीटीएल मानदंडों की निगरानी, योजना और कार्यान्वयन में कमियों के लिए इंडिगो के वरिष्ठ प्रबंधन को चेतावनी जारी की है, संबंधित वरिष्ठ उपाध्यक्ष को परिचालन जिम्मेदारियों से हटाने का निर्देश दिया है, और एयरलाइन को आगे की कार्रवाई करने और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।