देश के एविएशन सेक्टर में एक बड़े बदलाव की खबर है। अकासा एयर के शीर्ष प्रबंधन में एक बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी के को-फाउंडर (सह-संस्थापक) और चीफ कमर्शियल ऑफिसर प्रवीण अय्यर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
विस्तार योजनाएं और चुनौतियां
अय्यर का इस्तीफा एयरलाइन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है। अकासा एयर इस समय 'बोइंग' से विमानों की डिलीवरी में देरी के कारण धीमी पड़ी अपनी ग्रोथ को फिर से तेज करने की कोशिश कर रही है।
एयरलाइन की मौजूदा स्थिति और योजनाओं पर एक नजर:
क्या होंगे मायने?
कमर्शियल हेड के रूप में प्रवीण अय्यर की भूमिका एयरलाइन के रेवेन्यू मैनेजमेंट, नेटवर्क प्लानिंग और सेल्स के लिए महत्वपूर्ण थी। अब यह जिम्मेदारी आनंद श्रीनिवासन पर होगी। नए नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती बोइंग से विमानों की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करना और घरेलू बाजार में अपनी 5% की हिस्सेदारी को बढ़ाना होगा।
निवेशकों और बाजार के जानकारों की नजर इस बात पर होगी कि क्या टॉप लेवल पर हो रहे ये बदलाव एयरलाइन की आक्रामक विस्तार रणनीति को प्रभावित करते हैं या नहीं।
प्रवीण अय्यर का जाना अकासा एयर के लिए निश्चित रूप से एक चुनौतीपूर्ण घटनाक्रम है, विशेषकर तब जब कंपनी आक्रामक विस्तार के चरण में है। हालांकि, अजीम प्रेमजी और रंजन पई जैसे दिग्गजों से हाल ही में मिली फंडिंग और आनंद श्रीनिवासन की नियुक्ति यह संकेत देती है कि कंपनी अपने ऑपरेशन्स को स्थिर रखने के लिए तैयार है। आने वाले महीनों में 12 नए विमानों का जुड़ना कंपनी की दिशा तय करेगा।