फेडएक्स के सीईओ पर निजी हमले
क्रिसमस से पहले एक वायरल वीडियो ने हालात और भड़का दिए। सोशल मीडिया पर क्षतिग्रस्त फेडएक्स ट्रक का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद कंपनी के भारतीय मूल के सीईओ राज सुब्रमण्यम को निशाना बनाया गया। ऑनलाइन ट्रोलिंग में यहां तक कहा गया कि हमारी महान अमेरिकी कंपनियों पर भारतीय कब्ज़ा बंद करो।
कुछ दक्षिणपंथी टिप्पणीकारों, जिनमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गैब के संस्थापक एंड्रयू टॉरबा भी शामिल हैं, ने आरोप लगाया कि सुब्रमण्यम श्वेत अमेरिकी कर्मचारियों को निकालकर उनकी जगह भारतीयों को रख रहे हैं।
फेडएक्स का खंडन
फेडएक्स ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसकी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता पर आधारित है, न कि राष्ट्रीयता पर। फेडएक्स ने बयान में कहा कि पिछले 50 वर्षों से हम एक मेरिट-आधारित संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं, जो सभी के लिए अवसर पैदा करती है। हमें गर्व है कि हमारा कार्यबल उन 220 से अधिक देशों और क्षेत्रों की विविधता को दर्शाता है, जहां हम सेवाएं देते हैं।
DEI नीतियों में कटौती से बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि यह विरोध ऐसे समय उभर रहा है, जब अमेरिका में कॉरपोरेट जगत के विविधता, समानता और समावेशन (DEI) कार्यक्रमों को पीछे हटाया जा रहा है। पिछले एक साल में दर्जनों कंपनियों ने इन पहलों को सीमित या निलंबित कर दिया है, क्योंकि रूढ़िवादी आलोचकों का दावा है कि ये योजनाएं श्वेत अमेरिकियों के साथ भेदभाव करती हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक, सख्त आव्रजन नियम, राजनीतिक बयानबाजी और डीईआई रोलबैक इन सबने मिलकर ऐसा माहौल बना दिया है, जिसमें अमेरिकी समाज में भारतीय पेशेवरों और व्यवसायों को तेजी से अलग करके निशाना बनाया जा रहा है।