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बजट 2026: चावल निर्यातकों की अपील, किसानों की आय व वैश्विक हिस्सेदारी बचाने के लिए पैकेज जरूरी

Sat, 03 Jan 2026 07:52 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (IREF) ने केंद्रीय बजट में 'ग्रीन इंसेंटिव' और ब्याज पर छूट की वकालत की है। संघ ने बजट से पहले वित्त मंत्री को अपनी जरूरतों के बारे में बताया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।

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भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala
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विस्तार
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बजट चावल निर्यातकों के संघ आईआरईएफ ने बजट 2026 से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को औपचारिक ज्ञापन सौपा है। संघ ने सरकार से आगामी बजट में बासमती और गैर बासमती चावल के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लक्षित राजकोषीय और नीतिगत उपायों का खाका पेश करने की अपील की है। संघ ने वित्त मंत्री को भेजे अपने ज्ञापन में भारतीय अर्थव्यवस्था, ग्रामीण रोजगार और वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिहाज से भारत के चावल निर्यात के महत्व के बारे में भी बताया।

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संघ ने अपने पत्र में लिखा “चावल क्षेत्र पर्यावरण से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहा है। (विशेष रूप से प्रमुख धान उत्पादक क्षेत्रों में भूजल की कमी), खरीद और भंडारण की उच्च राजकोषीय लागत और बाजार/अनुपालन अस्थिरता का सामना कर रहा है। केंद्रीय बजट 2026 लक्षित राजकोषीय और सहायक उपायों के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के साथ-साथ स्थिरता और किसानों के लाभों में सुधार कर सकता है।” 

आईआरईएफ ने चावल मूल्य शृंखला में स्थिरता, प्रतिस्पर्धात्मकता और किसानों की आय को मजबूत करने के उद्देश्य से प्राथमिकता वाली मांगों को भी वित्त मंत्री से साझा किया है। इसमें पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम करने और दीर्घकालिक उत्पादकता में सुधार लाने के लिए जल-बचत और कम उत्सर्जन वाली प्रमाणित पद्धतियों, जैसे कि वैकल्पिक गीलापन और सुखाने (एडब्ल्यूडी), सीधे बोए गए चावल (डीएसआर), लेजर भूमि समतलीकरण और ऊर्जा-कुशल पिसाई से जुड़े कर और निवेश प्रोत्साहन की मांग की गई।
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उन्होंने किसानों को प्रीमियम बासमती और जीआई-टैग वाले जैविक और विशेष गैर-बासमती चावल की खेती की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु प्रोत्साहन देने का भी आह्वान किया। उनका कहना है कि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, बाजार आधारित विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) आधारित खरीद पर निर्भरता कम होगी।

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