मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल ऑक्शन के दौरान सबसे महंगे बिकने वाले आस्ट्रेलियाई पेसर माइकल स्टार्क को पीछे छोड़ दिया है। दरअसल माइकल स्टार्क के लिए आईपीएल ऑक्शन के दौरान 24.75 करोड़ रुपये की बोली लगी थी, पर अब क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने अपने महज एक फैसले से महज नौ महीनों में 26.5 करोड़ रुपये कमाकर उन्हें भी पीछे छोड़ दिया है। सचिन ने यह कारनामा हैदराबाद स्थित एक कंपनी में निवेश कर किया है।
सचिन तेंदुलकर ने हैदराबाद की कंपनी आजाद इंजीनियरिंग में नौ महीने पहले पांच करोड़ रुपये का निवेश किया था। गुरुवार को जब आजाद इंजीनियरिंग के शेयरों की आईपीओ के बाद शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई तो तेंदुलकर को अपने निवेश पर करीब 531% का जबरदस्त मुनाफा हुआ। आईपीओ की लिस्टिंग के बाद सचिन तेंदुलकर को कुल 26.5 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ और इस तरह उन्होंने आईपीएल के ऑक्शन में सबसे महंगे 24.5 करोड़ रुपये में बिके खिलाड़ी माइकल स्टॉर्क को मात दे दी है।
इस साल छह मार्च को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कंपनी में करीब पांच करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी थी। कंपनी के आईपीओ के पहले स्टॉक स्प्लिट और बोन इश्यू के जरिए भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ने 4,38,210 शेयर हासिल किए थे। उनकी ओर से किए गए शेयरों के अधिग्रहण की औसत लागत 114.1 रुपये प्रति शेयर थी। आगे जब कंपनी का 740 करोड़ रुपये का आईपीओ आया तो तेंदुलकर ने शेयरों को बनाए रखने का फैसला किया। आईपीओ के बाद शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग के दौरान मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का यह फैसला मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ।
आजाद इंजीनियरिंग के आईपीओ ने केवल सचि तेंदुलकर को ही मोटा मुनाफा नहीं दिया है। उनके अलावे देश की तीन अन्य बड़ी खेल हस्तियां भी इससे लाभान्वित हुईं हैं। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग से पीवी सिंधु, साइना नेहवाल और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ियों को भी फायदा पहुंचा है।
इन सभी ने कंपनी में एक करोड़ रुपये का निवेश किया था, लेकिन 'मास्टर ब्लास्टर' ने जिस कीमत पर इसे खरीदा था, उससे दोगुनी कीमत पर। उनके लिए अधिग्रहण की औसत लागत 228.17 रुपये प्रति शेयर थी। हालांकि इसके बावजूद उन्हें अपने निवेश पर 215% का शानदार रिटर्न मिला है। उनकी हिस्सेदारी का मूल्य अब 3.15 करोड़ रुपये हो गया है।