प्रतापगढ़ में रहने वाले दीपक सिंह ने आईपीओ में पैसा लगाकर मोटा मुनाफा कूटने की योजना बनाई। खुद की जेब में थे बस 50 हजार रुपये। मौका हाथ से निकल न जाए, इसलिए बैंक से आईपीओ के लिए 5 लाख रुपये का लोन ले लिया। गणित सीधा था, 10 दिन में आईपीओ लिस्ट होगा, 50-55 फीसदी प्रीमियम मिलेगा, लोन चुकता कर जेब में एकमुश्त मोटा मुनाफा! लेकिन बाजी उल्टी पड़ गई। शेयर प्रीमियम पर खुलने के बजाय अपने इश्यू प्राइस से 12 फीसदी डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ।
आखिर क्यों बढ़ रहा है उधार लेकर IPO में निवेश का चलन?
IPO में निवेश के लिए उधार लेने की लागत
| उधार का स्रोत | सामान्य ब्याज दर (वार्षिक) |
| बैंक से पर्सनल लोन | 10-18% |
| एनबीएफसी पर्सनल लोन | 12- 24% |
| IPO फंडिंग (ब्रोकरेज/NBFC) | 8-18% (शॉर्ट टर्म) |
| ओवरड्राफ्ट सुविधा | 9-15% |
| लोन अगेंस्ट म्यूचुअल फंड | 10-11% |
आगे आने वाले हैं बड़े आईपीओ (करोड़ रुपये)
| आईपीओ | आकार |
| जियो प्लेटफॉर्म | 37,700 |
| एनएसई | 30,000 |
| ओयो | 6,650 |
| क्रेडिला फाइनेंशियल | 5,000 |
| ट्रूहोम फाइनेंस | 3,000 |
| एलिवेट कैंपेसेस | 2,550 |
| शिपरॉकेट | 2,350 |
| इन्नोवेटिवव्यू इंडिया | 2,000 |
| मिल्की मिस्ट | 1,550 |
| आरडी इंडस्ट्रीज | 426 |
जोखिम क्षमता के आधार पर लें फैसला
हर व्यक्ति को अपनी जोखिम क्षमता के आधार पर निवेश रणनीति बनानी चाहिए। केवल दूसरों को देखकर या उनकी सफलता से प्रभावित होकर कोई निवेश निर्णय न लें। आपकी जोखिम क्षमता, वित्तीय स्थिति और निवेश लक्ष्य दूसरे व्यक्ति से पूरी तरह अलग हो सकते हैं। इसलिए जो रणनीति आपके किसी परिचित के लिए उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं कि वह आपके लिए भी सही साबित हो। --पूनम रूंगटा
सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर
उधार के पैसे से IPO लिया है, तो क्या रणनीति हो?