क्रिप्टोकरेंसी में जिस तेजी से निवेश के आंकड़े बढ़ते हैं, उसी तेजी से निवेश कम भी होने लगते हैं। ग्लोबल मार्केट में दबाव और कोरोना के नए वैरिएंट के साथ ही क्रिप्टोकरेंसी बंद होने की खबरों के डर से लोग क्रिप्टोकरेंसी से पैसे भी निकाल रहे हैं। दरअसल, बीते 1 हफ्ते में ही निवेशकों ने क्रिप्टोकरेंसीज में लगी अपनी 1000 करोड़ से ज्यादा रकम निकाली है।
दरअसल, भारत में क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता नहीं है। केंद्र सरकार इसे अनुमति देने की तैयारी में भी नहीं है। कयास लगाए जा रहे थे कि मानसून सत्र में सरकार क्रिप्टोकरेंसी को बैन या रेगुलेट करने वाला बिल संसद के मौजूदा सत्र में पेश नहीं की, लेकिन इस बिल के आने की आहट भर से बीते करीब 1 महीने से क्रिप्टो बाजार में उथल-पुथल मची रही है। लोग तेजी से क्रिप्टोकरेंसी बेच रहे हैं, निवेशक इससे पीछे छुड़ा रहे हैं।
प्रतिबंध की खबर से धड़ाम हुआ बाजार
बैन की खबर से घबराहट क्रिप्टोकरेंसी को लेकर जारी दुविधा के बीच इस काल्पनिक संपत्ति से लोगों का भरोसा डगमगाने लगा है। निवेशकों ने 11 से 17 दिसंबर के बीच एक हफ्ते में क्रिप्टोकरेंसी से रिकॉर्ड 14.2 करोड़ डॉलर यानी करीब 1,073.7 करोड़ रुपये की निकासी की है। आंकड़ों के मुताबिक 17 हफ्ते में पहली बार क्रिप्टोकरेंसी से निकासी हुई है। इससे पहले जून 2021 में 9.7 करोड़ डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी की बिकवाली हुई थी।