भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों से कहा है कि वे अपनी शिकायतें सिर्फ वेब आधारित केंद्रीकृत शिकायत निपटान प्रणाली, सेबी शिकायत समाधान प्रणाली (स्कोर्स) के जरिए दर्ज कराएं। सेबी ने मंगलवार को जारी सार्वजनिक नोटिस में कहा कि सक्षम प्राधिकरण ने फैसला किया है कि अब सूचीबद्ध कंपनियों, पंजीकृत मध्यवर्ती इकाइयों तथा मान्यता बाजार संरचना संस्थानों के खिलाफ सेबी की वेबसाइट या सेबी अधिकारियों की आधिकारिक आईडी पर भेजी गई शिकायतों पर विचार नहीं किया जाएगा।
सेबी ने निवेशकों से कहा कि अब वे अपनी शिकायतें सीधे स्कोर्स के जरिए भेजें। इससे पहले मार्च, 2018 में सेबी की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया था कि जो भी निवेशक शिकायत दर्ज करना चाहते हैं उन्हें अपना पंजीकरण स्कोर्स पर कराना होगा।
निवेशकों को देनी होगी जरूरी जानकारी
शिकायत के लिए पंजीकरण कराने को निवेशक को आवश्यक जानकारी मसलन नाम, पैन, पता और ई-मेल आईडी उपलब्ध करानी होगी। सेबी ने कहा कि स्कोर्स को अब नौ साल हो गए हैं। मोबाइल एप शुरू होने के बाद निवेशकों के लिए अपनी शिकायत दर्ज कराना आसान हो गया है।
प्रतिनिधि सलाहकारों के लिए दिशानिर्देश
इससे पहले सेबी ने प्रतिनिधि सलाहकारों (प्रॉक्सी एडवाइजर) के लिए भी प्रक्रियात्मक दिशानिर्देश जारी किए। इसके तहत उन्हें मतदान की सिफारिश करने के संदर्भ में नीतियां बनानी होगी और उसमें किसी प्रकार की नई व्यवस्था के बारे में अपने ग्राहकों को जानकारी देनी होगी।
एक सितंबर से अमल में आएंगे नए दिशानिर्देश
सेबी ने एक परिपत्र में कहा कि नए दिशानिर्देश एक सितंबर से अमल में आएंगे। सेबी ने कहा, 'प्रतिनिधि सलाहकार मतदान की सिफारिश के बारे में नीतियां बनाएंगे और उसमें कुछ भी नया जोड़ा जाता है, तो उसके बारे में अपने ग्राहकों को जानकारी देंगे। प्रतिनिधि सलाहाकर यह सुनिश्चित करेंगे नीतियों में साल में कम-से-कम एक बार समीक्षा हो।'