घबराए हुए हैं निवेशक
पुराने निवेशकों को कंपनियां शेयर खरीदने पर सर्टिफिकेट देती थीं, जिसकी खरीद-बिक्री ट्रांसफर डीड से होती थी। इसे कंपनी में भेजने पर नए खरीदार के नाम शेयर ट्रांसफर हो जाता था। वर्तमान में इसके लिए डीमैट अकाउंट जरूरी है, जो अभी लाखों पुराने निवेशकों के पास नहीं है।
कुछ निवेशक पहले महानगरों में रहते थे और फिजिकल शेयर खरीद दूसरे के नाम पर शेयर सर्टिफिकेट और ट्रांसफर डीड लेकर गांव लौट गए। ऐसे ही एक निवेशक को जब पता चला कि उनके शेयर डीमैट कर ट्रांसफर कराने का अंतिम समय 31 मार्च है, तो वे घबरा गए।
पिछले साल दिया था निर्देश
सेबी के एक अधिकारी का कहना है उनके यहां से 8 जून 2018 को ही एक अधिसूचना निकालकर इस तरह के शेयर ट्रांसफर कराने की अंतिम तिथि पांच दिसंबर 2018 तय की गई थी। इसके बाद मिले निवेशकों की परेशानी और रिप्रजेंटेशन के बाद तीन दिसंबर 2018 को यह तिथि बढ़ाकर 31 मार्च 2019 कर दिया गया।