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एफडी पर घटा ब्याज, लेकिन अच्छे रिटर्न के लिए हैं और भी विकल्प

Mon, 14 Oct 2019 05:55 AM IST
गौरव पाण्डेय बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

  • रेपो रेट में कटौती के साथ बैंकों ने भी कर्ज की ब्याज दरें घटाना शुरू किया 
  • एसबीआई सहित कई सरकारी और निजी बैंकों ने एफडी की ब्याज दरें घटाईं
  • विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर रिटर्न के लिए अन्य विकल्पों का रुख करें
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
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आरबीआई के रेपो रेट में कटौती के साथ ही बैंकों ने भी कर्ज की ब्याज दरें घटानी शुरू कर दी हैं। इस कदम से ग्राहकों को काफी राहत भी मिली, लेकिन बैंक इसकी भरपाई के लिए जमाओं पर भी ब्याज दरें घटा रहे हैं। 

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एसबीआई सहित कई सरकारी और निजी बैंकों ने सावधि जमा (एफडी) की ब्याज दरों में कटौती की है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार घटती एफडी की ब्याज दरों के बीच बेहतर रिटर्न के लिए निवेशकों को अन्य विकल्पों का रुख करना चाहिए।

डेट म्यूचुअल फंड है बेहतर विकल्प

फंड हाउस एंजल ब्रोकिंग के मुख्य सेल्स अधिकारी संदीप भारद्वाज का कहना है कि डेट म्यूचुअल फंड में तीन महीने से पांच साल या उससे भी लंबी अवधि की निवेश योजना बना सकते हैं। यहां औसतन आठ से नौ फीसदी का रिटर्न मिल जाता है और बाजार जोखिम भी कम या मध्यम स्तर का रहता है। अलग-अलग योजनाओं के तहत रिटर्न बढ़ भी सकता है। 

एफडी की तुलना में डेट म्यूचुअल फंड पर ब्याज की गणना ज्यादा पारदर्शी होती है। यहां फंड मैनेजर निवेश को लेकर बहुत लचीले होते हैं और लंबी अवधि में डेट फंड पर एलटीसीजी लगता है, जो इंडेक्शेसन के साथ 20 फीसदी होगा, जबकि एफडी पर कर की गणना अधिकतम दर (30 फीसदी) से की जाती है।
संदीप भारद्वाज, मुख्य सेल्स अधिकारी, एंजल ब्रोकिंग

इसमें सिप (SIP) के जरिये भी निवेश किया जा सकता है, जिस पर लाभांश का विकल्प भी होता है। एफडी में ऐसा कोई विकल्प नहीं होता। अगर समय से पहले पैसे निकालना है तो कैटेगरी के हिसाब से एग्जिट लोड या बिना एग्जिट लोड के पैसे निकाल सकते हैं, जबकि एफडी में प्रीमेच्योर निकासी पर पेनाल्टी देनी पड़ती है।

डाकघर की टाइम डिपॉजिट स्कीम

डाकघर की टाइम डिपॉजिट स्कीम में एक से पांच साल तक का निवेश कर सकते हैं, जहां सात से आठ फीसदी के बीच ब्याज मिल रहा है। इसमें 200 रुपये न्यूनतम से निवेश किया जा सकता है। इस खाते पर ब्याज सालाना आधार पर मिलता है, लेकिन इसकी गणना तिमाही की जाती है। 

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इसमें जमा की गई रकम पर आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत आयकर छूट भी मिलती है। वर्तमान में एक साल की जमा पर 6.9 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है, जबकि पांच साल की अवधि के लिए ब्याज दर करीब 7.8 फीसदी है।

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एससीएसएस में पैसे लगाएं वरिष्ठ नागरिक

आयकर विशेषज्ञ बलवंत जैन का कहना है कि महंगाई दर नीचे जाने पर एफडी की ब्याज दर भी घटेगी, जिसका सबसे ज्यादा असर वरिष्ठ नागरिकों पर होगा। ऐसे में उन्हें सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (एससीएसएस) में पैसे लगाने चाहिए। 

ब्याज की गणना करते समय महंगाई दर को भी ध्यान में रखना चाहिए। अभी एफडी पर ब्याज दर 6.5 फीसदी के आसपास है और महंगाई 4 फीसदी के आसपास, तो वास्तविक लाभ ढाई से तीन फीसदी मिलेगा। निवेश के बेहतर विकल्प के लिए सरकारी बचत योजनाओं का रुख कर सकते हैं।
बलवंत जैन, निवेश एवं कर विशेषज्ञ

यहां आपको 8.6 फीसदी ब्याज मिलता है, जहां 15 साल की जमा अवधि होती है। एक व्यक्ति इसमें 15 लाख रुपये तक जमा कर सकता है। अगर पति-पत्नी दोनों वरिष्ठ नागरिक श्रेणी में आते हैं, तो कुल मिलाकर 30 लाख रुपये जमा कर सकते हैं।

वरिष्ठ वय वंदन योजना

सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रधानमंत्री वय वंदन योजना शुरू की है। यहां एकमुश्त निवेश होता है, जिसकी देखरेख एलआईसी करती है। इसमें न्यूनतम निवेश 1,44,578 रुपये और अधिकतम 14,45,783 रुपये करना होता है। इससे आपको मासिक 12,000 रुपये और साल में 1.20 लाख रुपये की पेंशन मिलती है। इसमें सालाना 8.3 फीसदी का रिटर्न मिलता है।


 
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