शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से भारी उतार-चढ़ाव का दौर है। सेंसेक्स कभी 500 अंक गिर जाता है तो कभी 900 अंक तक बढ़ जाता है। बाजार की यह चाल उन निवेशकों को ज्यादा परेशान करती है, जो नए हैं या बस अनुमान और रिपोर्ट के आधार पर निवेश करते हैं। ऐसे निवेशकों को तो रुढ़िवादी निवेश के साधनों को अपनाना चाहिए। पर, अगर आप लंबे समय के लिए निवेश में बने रहना चाहते हैं तो अन्य साधनों की तुलना में यहां बेहतर फायदा मिल सकता है।
फेडरल रिजर्व पर भी नजर
वैसे आने वाले समय में अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर सभी की निगाहें हैं। अमेरिका का केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को फिर से बढ़ाने के पक्ष में है। साथ ही, आरबीआई भी अप्रैल में एक बार फिर ब्याज दरों को बढ़ा सकता है। ऐसे में शेयर बाजार पर कुछ नकारात्मक असर दिख सकता है। हालांकि, आप निवेश करना चाहते हैं तो ऐसी घटनाओं को अलग कर लंबे समय के लिए पैसे लगा सकते हैं। अमेरिका में 10 मार्च को बेरोजगारी के आंकड़े आने हैं और यह भी बाजारों को प्रभावित करेगा, जबकि इसी दिन भारत में औद्योगिक उत्पादन के भी आंकड़े आने हैं।
निफ्टी में बनी रह सकती है सकारात्मकता
तकनीकी तौर पर, निफ्टी ने शॉर्ट कवरिंग बाउंस में अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज को फिर से हासिल कर लिया है। अगर निफ्टी अपनी शुरुआती बढ़त बनाए रखता है, तो आगे भी इसकी सकारात्मक गति जारी रह सकती है। -प्रवेश गौर, टेक्निल विश्लेषक, स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लि.