वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और नए फंड ऑफर (एनएफओ) में भारी गिरावट की वजह से इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश अगस्त में मासिक आधार पर 22 फीसदी घटकर 33,430 करोड़ रुपये रह गया।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, गिरावट के बावजूद लगातार 54वें महीने इक्विटी श्रेणी में शुद्ध निवेश आया है। जुलाई में निवेशकों ने इन योजनाओं में 42,702 करोड़ रुपये का निवेश किया था। मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कारोबार अधिकारी अखिल चतुर्वेदी ने कहा, जुलाई के मुकाबले 9,000 करोड़ की गिरावट के पीछे एनएफओ में आई कमी प्रमुख वजह है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच भी भारतीय निवेशक इक्विटी में लगातार निवेश कर रहे हैं, जो घरेलू शेयर बाजार के लिए सकारात्मक है।
एम्फी के मुख्य कार्यकारी वेंकट एन चलसानी ने कहा, अगस्त में 23 योजनाएं लॉन्च हुईं। ये सभी ओपन-एंडेड और विभिन्न श्रेणियों की थी, जिनसे कुल 2,859 करोड़ रुपये जुटाए गए।
एसआईपी : 28,265 करोड़ का निवेश, मामूली कमी
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में अगस्त में निवेशकों ने कुल 28,265 करोड़ रुपये का निवेश किया। यह आंकड़ा जुलाई, 2025 में किए गए 28,464 करोड़ रुपये के निवेश से निवेश 199 करोड़ रुपये कम है।
आंकड़ों के मुताबिक, म्यूचुअल फंड उद्योग में अगस्त में कुल 52,443 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो जुलाई के 1.8 लाख करोड़ रुपये से काफी कम है। इससे म्यूचुअल फंड उद्योग के प्रबंधन के अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) घटकर 75.21 लाख करोड़ रह गईं, जो जुलाई में 75.36 लाख करोड़ रुपये थीं। विशेषज्ञों का मानना है, अमेरिकी टैरिफ से जुड़े घटनाक्रमों ने भी बाजार में अस्थिरता को बढ़ावा दिया, जिससे निवेशकों ने सतर्कता बरती।
फ्लेक्सी कैप में आया सबसे ज्यादा निवेश
- फ्लेक्सी कैप फंड में अगस्त में सबसे अधिक 7,679 करोड़ रुपये का निवेश आया। मिडकैप फंड में 5,331 करोड़, स्मॉलकैप में 4,993 करोड़ और लार्जकैप में 2,835 करोड़ का निवेश आया।
- थीमैटिक फंडों में निवेश जुलाई के 9,246 करोड़ से घटकर 3,893 करोड़ रह गया।
- ईएलएसएस या टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड्स में चार महीने की निकासी के बाद 59.15 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया।
- डेट फंडों से 7,980 करोड़ की निकासी हुई है, जबकि जुलाई में 1.06 लाख करोड़ निवेश हुआ था।