टैरिफ वार के बीच शेयर बाजारों में उथल-पुथल के कारण इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश मासिक आधार पर 14.4 फीसदी घटकर मार्च, 2025 में 11 महीने के निचले स्तर 25,082.01 करोड़ रुपये पर आ गया। इससे पहले मार्च, 2024 में सबसे कम 22,633 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। गिरावट के बावजूद मार्च लगातार 49वां महीना है, जब इस श्रेणी में निवेश जारी है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, यह लगातार तीसरा महीना है, जब इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेश में गिरावट आई है। दिसंबर, 2024 में निवेशकों ने इस श्रेणी में 41,156 करोड़ का निवेश किया था, जो जनवरी में घटकर 39,687 करोड़ और फरवरी में 29,303 करोड़ रुपये रह गया।
एसआईपी: चार माह में सबसे कम
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश मामूली घटकर मार्च, 2025 में 25,926 करोड़ रह गया। यह नवंबर, 2024 के बाद चार महीने का निचला स्तर है। उस समय एसआईपी में 25,320 करोड़ निवेश आया था। फरवरी, 2025 में यह आंकड़ा 25,999 करोड़ रुपये रहा था।
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15 लाख खाते बंद
मार्च में एसआईपी खातों की कुल संख्या फरवरी के 8.26 करोड़ से घटकर 8.11 करोड़ रह गई। इसका मतलब है कि बीते महीने करीब 15 लाख एसआईपी खाते बंद हुए। इस दौरान 40.18 लाख से अधिक नए एसआईपी खाते पंजीकृत भी हुए हैं।
फ्लेक्सी कैप फंड में आए सर्वाधिक 5,615 करोड़
इक्विटी श्रेणियों में फ्लेक्सी कैप फंड में सर्वाधिक 5,615 करोड़ का निवेश आया। स्मॉलकैप फंड में 4,092 करोड़, मिडकैप में 3,439 करोड़ और मल्टीकैप में 2,753 करोड़ का निवेश। लार्ज-मिडकैप में 2,718 करोड़ का निवेश आया। फरवरी में सबसे ज्यादा 5,712 करोड़ का निवेश पाने वाले सेक्टोरल फंड में लोगों ने मार्च में सिर्फ 170 करोड़ रुपये लगाए।
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