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IMF: संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को झटका! आईएमएफ ने मदद देने से पहले बजट से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी मांगी

Wed, 25 Jan 2023 03:19 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pakistan Economic Crisis: पाकिस्तान सरकार गैस शुल्क में वृद्धि और आईएमएफ की शर्तों को पूरा करने के लिए वस्तुओं पर लगने वाले टैक्स के मौजूदा स्लैब में बदलाव लाने की तैयारी कर रही है। संघीय मंत्रिमंडल की आगामी बैठक से पहले गैस क्षेत्र के परिपत्र ऋण को मिटाने की योजना भी पेश की जा सकती है।
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पाकिस्तान में गहराया संकट - फोटो : Social Media
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान से बजट के संबंध में अतिरिक्त जानकारी मांगी है। बता दें कि जियो न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार देश को 10 अरब डॉलर के विदेशी ऋण की तत्काल जरूरत है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि 8 से 10 अरब डॉलर के चालू खाते के घाटे के प्रबंधन के लिए शेष ऋण पुनर्भुगतान आवश्यकताओं और बाहरी वित्तपोषण को आईएमएफ के रुके हुए कार्यक्रम के कारण नहीं उठाया जा सकता है।

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इस बीच, सरकार गैस शुल्क में वृद्धि और आईएमएफ की शर्तों को पूरा करने के लिए वस्तुओं पर लगने वाले टैक्स के मौजूदा स्लैब में बदलाव लाने की तैयारी कर रही है। संघीय मंत्रिमंडल की आगामी बैठक से पहले गैस क्षेत्र के परिपत्र ऋण को मिटाने की योजना भी पेश की जा सकती है।

फिलहाल, पाकिस्तान के लिए आईएमएफ वित्तीय संकट से निपटने के लिए एकमात्र रास्ता है। इससे पहले, पाकिस्तान ने सात अरब डॉलर की विस्तारित निधि सुविधा (ईएफएफ) के तहत लंबित नौवीं समीक्षा को पूरा करने के लिए क्षेत्रों की रूपरेखा साझा की थी। जियो न्यूज की खबर के अनुसार दूसरी ओर पाकिस्तान की निकट भविष्य की चुनौती तेजी से बढ़ी है क्योंकि इस्लामाबाद को चूक से बचने के लिए शेष पांच महीनों (फरवरी-जून) की अवधि में 10 अरब डॉलर का नया कर्ज हासिल करना होगा।
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इस बीच, सरकार ने पिछले नवंबर से रुके हुए कार्यक्रम को पुनर्जीवित करने के लिए आईएमएफ को एसओएस (सेव अवर शिप) मैसेज भेजा है। देश आर्थिक पतन के कगार पर पहुंच चुका है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति में स्वीकार किया कि वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही के दौरान चालू खाते के घाटे में कमी के बावजूद बाहरी क्षेत्र के लिए चुनौतियां बढ़ी हैं।

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