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पश्चिम एशिया तनाव का असर: महंगाई से हांफने लगी PAK की जनता, एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल; हालात चिंताजनक

Sat, 28 Mar 2026 06:38 PM IST
Riya Dubey बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पश्चिम एशिया में तनाव के कारण पाकिस्तान में LPG की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोगों और परिवहन खर्च पर असर पड़ा है। सीमित आपूर्ति और आयात पर निर्भरता के चलते देश में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका भी जताई जा रही है।
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पाकिस्तान में महंगाई - फोटो : IANS
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब सीधे पाकिस्तान की आम जनता पर दिखने लगा है। देश में एलपीजी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है, जिससे घरेलू बजट और परिवहन खर्च दोनों पर दबाव बढ़ गया है।

एलपीजी सिलिंडर के दाम कितने बढ़े?

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के सेंसिटिव प्राइस इंडेक्स (SPI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 11.67 किलोग्राम एलपीजी सिलिंडर की कीमत 3,150-3,968 रुपये से बढ़कर 3,900-5,135 रुपये तक पहुंच गई है। पंजाब के कई शहरों में कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।

किस क्षेत्र पर पड़ा रहा असर?

कीमतों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन क्षेत्र पर भी पड़ा है। एलपीजी से चलने वाले रिक्शा, बस और मिनीबस के किराए बढ़ गए हैं, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

ईरान से आने वाली गैस सप्लाई में हुई गिरावट 

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी के पीछे वैश्विक कारण प्रमुख हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें बढ़ी हैं। इसके अलावा ईद और नौरोज के दौरान ईरान से आने वाली गैस सप्लाई में भी गिरावट आई है, जो पहले 10,000 से 12,000 टन प्रतिदिन थी।

क्या कहते हैं आंकड़े?

पाकिस्तान की कुल एलपीजी जरूरत लगभग 20 लाख टन सालाना है, जिसमें से करीब 12 लाख टन आयात करना पड़ता है, जबकि 8 लाख टन घरेलू उत्पादन से पूरा होता है। मार्च में तीन जहाजों के जरिए लगभग 20,000 टन एलपीजी की आपूर्ति हुई, लेकिन यह मांग के मुकाबले काफी कम साबित हुई।
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ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश के पास कच्चे तेल का भंडार केवल 11 दिनों के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा डीजल 21 दिन, पेट्रोल 27 दिन, एलपीजी महज 9 दिन और जेट फ्यूल 14 दिन तक ही उपलब्ध है।

पाकिस्तान अपनी करीब 70 प्रतिशत पेट्रोलियम जरूरतों के लिए मध्य पूर्व पर निर्भर है। ऐसे में क्षेत्रीय संघर्ष के कारण शिपिंग रूट और सप्लाई चेन प्रभावित होने से संकट और गहरा गया है।

ईरान के साथ चल रही बातचीत

स्थिति से निपटने के लिए सरकार ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल आपूर्ति की अनुमति पर बातचीत कर रही है। हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर एलएनजी आपूर्ति में बाधा जारी रही, तो 14 अप्रैल के बाद देश को गंभीर गैस संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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