शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र को गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को एक समीक्षा बैठक में सिंगल-विंडो अप्रूवल की व्यवस्था को संस्थागत बनाने, शहरी योजना में पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल करने, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने और मौजूदा शहरी विकास योजनाओं के साथ समन्वय बढ़ाने जैसे अहम बिंदुओं पर जोर दिया।
कितने नए पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य?
बैठक में उन्होंने कहा कि शहर आर्थिक विकास के प्रमुख इंजन हैं और पीएनजी नेटवर्क के विस्तार को तेज करने के लिए मिशन मोड में काम करने की जरूरत है। आवास व शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार, 50 लाख नए पीएनजी कनेक्शन देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किया गया है।
सरकार ने पीएनजी को ज्यादा सुरक्षित बताया?
इस बैठक में विभिन्न हितधारकों ने शहरी भारत में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार को तेज करने और आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर चर्चा की। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से दी गई प्रस्तुति में पीएनजी को एलपीजी के मुकाबले अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बताया गया।
क्या-क्या है चुनौतियां?
हालांकि, बैठक में कुछ प्रमुख चुनौतियों की भी पहचान की गई, जिनमें नगर निकायों से अनुमति में देरी, राइट ऑफ वे (RoW) की मंजूरी और सड़कों की बहाली पर अधिक शुल्क शामिल हैं, जो नेटवर्क विस्तार में बाधा बन रहे हैं।
वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में हो रहे बदलावों का जिक्र
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की आवश्यकता बताई, ताकि ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) से PNG अपनाने को बढ़ावा देने की अपील की, खासकर उन क्षेत्रों में जहां इसकी सुविधा पहले से उपलब्ध है।
अफवाहों और कालाबाजारी को रोकने पर जोर
वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आवश्यक ईंधन आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने, अफवाहों पर रोक लगाने और कालाबाजारी को रोकने पर जोर दिया। उन्होंने राज्यों को निगरानी तंत्र मजबूत करने और उपभोक्ताओं को LPG से PNG की ओर संक्रमण के लिए प्रोत्साहित करने की सलाह दी, साथ ही स्कूलों और कॉलेजों जैसे सार्वजनिक संस्थानों को प्राथमिकता देने की बात कही।