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Inflation: तीन माह की राहत के बाद फिर बढ़ सकती है महंगाई, सर्वे में दावा- आपूर्ति प्रभावित, बढ़ीं खाद्य कीमतें

Sat, 10 Sep 2022 06:06 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, बेंगलूरु।

सार

महंगाई पर काबू पाने के लिए आरबीआई इस साल मई से लेकर अब तक नीतिगत ब्याज दरों में 1.4 फीसदी की बढ़ोतरी कर चुका है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि महंगाई दर स्थिर रहने पर त्योहारी सीजन को देखते हुए आरबीआई नरम रुख भी अपना सकता है।
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महंगाई - फोटो : pixabay
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विस्तार
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खुदरा महंगाई में तीन महीने से जारी नरमी का सिलसिला अगस्त में थम सकता है। रॉयटर्स के सर्वे में कहा गया है कि खाद्य कीमतें बढ़ने की वजह से अगस्त में खुदरा महंगाई की दर एक बार फिर 6.9 फीसदी के स्तर पर पहुंच सकती है। जुलाई में खुदरा महंगाई दर 6.71 फीसदी थी।

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सर्वे में शामिल 45 अर्थशास्त्रियों ने खुदरा महंगाई के 6.3 फीसदी से लेकर 7.37 फीसदी तक रहने का अनुमान जताया है। इनमें एक चौथाई का मानना है कि अगस्त में महंगाई दर 7 फीसदी से ऊपर पहुंच जाएगी। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अगस्त में खाद्य कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। बढ़ती गर्मी से आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे अनाज, दालों और सब्जियों की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला।

...तो सख्त रुख अपना सकता है आरबीआई
आरबीआई नीतिगत ब्याज दरों को लेकर अपनी मौद्रिक समीक्षा में खुदरा महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखता है। आशंका है कि अगर महंगाई अनुमान से तेज बढ़ती है तो केंद्रीय बैंक दरों को लेकर और सख्त रुख अपना सकता है। सरकार अगस्त के लिए खुदरा महंगाई के आंकड़े 12 सितंबर को जारी कर सकती है।
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नीतिगत दरों में अब तक 1.4 फीसदी का इजाफा
महंगाई पर काबू पाने के लिए आरबीआई इस साल मई से लेकर अब तक नीतिगत ब्याज दरों में 1.4 फीसदी की बढ़ोतरी कर चुका है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि महंगाई दर स्थिर रहने पर त्योहारी सीजन को देखते हुए आरबीआई नरम रुख भी अपना सकता है। अक्तूबर का महीना त्योहारी सीजन का महीना है और कई कंपनियों की अधिकांश कमाई इस सीजन पर ही टिकी है। ब्याज दरें बढ़ने पर धारणा प्रभावित हो सकती है।

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