एयर इंडिया को होगा 6 हजार करोड़ का नुकसान
एयर इंडिया के इस फैसले से उसको सालाना 6 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। एयर इंडिया ने पिछले साल 4 जून को अमेडस से अपना समझौता समाप्त कर लिया था। इसके बाद इसने 6 महीने का नोटिस पीरियड जारी किया था।
एकतरफा लिए गए इस फैसले के खिलाफ देश के तीन उच्च न्यायलयों में याचिका भी दायर की गई थी। बंबई उच्च न्यायलय ने आदेश देते हुए कहा था कि वो अमेडस से फिर से अपना कांट्रैक्ट रिन्यू कराएं।
एजेंट्स नहीं कर पा रहे हैं टिकटों की बुकिंग
जनवरी में एयर इंडिया ने उसकी देशी-विदेशी उड़ानों के टिकट बेचने का अधिकार ट्रेवलपोर्ट को दे दिया था। इससे पहले एयर इंडिया के टिकट अमेडस के जरिए बुक होते थे। अमेडस के पास ही ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (जीडीएस) का सबसे ज्यादा शेयर है। इस सिस्टम के जरिए ही विश्व भर में ट्रेवल कंपनियां और एजेंट्स टिकटों की बुकिंग करते हैं।